आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "natkhat"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "natkhat"
ग़ज़ल
सरगोशी करते पर्दे कुंडी खटकाता नट-खट दिन
दबे दबे क़दमों से तपती छत पर जाती दो-पहरें
इशरत आफ़रीं
ग़ज़ल
क्या लड़के दिल्ली के हैं अय्यार और नट-खट
दिल लें हैं यूँ कि हरगिज़ होती नहीं है आहट
मीर तक़ी मीर
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "natkhat"
विषय
नसीहत
नसीहत शायरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "natkhat"
नज़्म
उन्हें मुझ से शिकायत है
सलोनी साँवली नट-खट मधुर यादें उठा लाऊँ लड़कपन के घरोंदों से
मैं जब चाहूँ तो काली कोठरी में क़ैद
अज़रा नक़वी
ग़ज़ल
बेकल उत्साही
नज़्म
दिसम्बर
इन की दाढ़ी चाँदी जैसी धूप पड़े तो चमके
लेकिन नटखट लड़की सा छुप जाए दिसम्बर बाबा
अब्दुर्रहीम नश्तर
ग़ज़ल
इंसानों के कर्तब देख के 'राहिब' पास के जंगल में
नीम के पेड़ की शाख़ पे बैठा नटखट बंदर चौंक पड़ा
इमरान राहिब
नज़्म
अब्बू जी
तुम भी पहले बच्चे ही थे ये मत भूलो अब्बू जी
नटखट भी मुझ जैसे ही थे ये मत भूलो अब्बू जी
हैदर बयाबानी
नज़्म
एक छबेली ईद
एक छबेली नई-नवेली नटखट चंचल लड़की
रंग-बिरंगी पोशाकों में मेला घूम रही है
अब्दुर्रहीम नश्तर
नज़्म
अब्बू जी
नट-खट भी मुझ जैसे ही थे ये मत भूलो अब्बू जी
जिस दिन ज़िद फ़रमाई होगी दादा से और दादी से










