आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "qause.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "qause.n"
ग़ज़ल
वो तिरे जिस्म की क़ौसें हों कि मेहराब-ए-हरम
हर हक़ीक़त में मिला ख़म तिरी अंगड़ाई का
अहमद नदीम क़ासमी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "qause.n"
अन्य परिणाम "qause.n"
नज़्म
हिज्र नगरी
में हैं धनक क़ौसें न मसकारे से पलकों को शब की स्याही दी
न सुरमे से बनाई तूर सी आँखें
सादिया सफ़दर सादी
ग़ज़ल
ये दाएरे ज़ाविए ये क़ौसें ये नोक-ए-परकार का हुनर हैं
इसी हुनर से तमाम को ना-तमाम करना सिखा रही हूँ
रुख़साना सबा
शायरी के अनुवाद
सू-ए-मंज़र-ए-क़ाब-ओ-क़ौसें गया
वो 'अज़्मत की उस बार-गह में न था