Kausar Niyazi's Photo'

कौसर नियाज़ी

कराची, पाकिस्तान

ग़ज़ल 17

नज़्म 1

 

शेर 17

तुझे कुछ उस की ख़बर भी है भूलने वाले

किसी को याद तेरी बार बार आई है

वो मिल सके याद तो है उन की सलामत

इस याद से भी हम ने बहुत काम लिया है

चंद लम्हों के लिए एक मुलाक़ात रही

फिर वो तू वो मैं और वो रात रही

ई-पुस्तक 6

Anees Shair-e-Insaniyat

 

 

Aur Line Kat Gai

 

1988

Baseerat

 

1984

Iqbal Aur Teesri Duniya

 

1977

लम्हे

 

1984

Zikr-e-Husain

 

1990

 

वीडियो 3

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