aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "rakesh"
राकेश उलफ़त
born.1961
शायर
राकेश राही
born.1969
राजेश रेड्डी
born.1952
जंगवीर सिंह 'राकेश'
born.1995
राकेश तूफ़ान
रविश सिद्दीक़ी
1909 - 1971
डॉ राकेश जोशी
born.1970
रईस रामपुरी
born.1930
लेखक
राकेश दिलबर
born.1972
रईसुदीन रईस
born.1948
रईस अंसारी
born.1951
क़मर रईस
1932 - 2009
राज़ देहलवी
born.1983
नवाब उमराव बहादूर दिलेर
1873 - 1926
रईस वारसी
born.1963
तुम्हारे हिस्से के जितने भी ग़म हैं मैं ले लूँमिरे नसीब की हर इक ख़ुशी मिले तुम को
अजीब बात है उस रात की सहर न हुईकई चराग़ जले रौशनी मगर न हुई
पानी हिला नहीं है अभी भी है जूँ का तूँपत्थर तो एक फेंक के देखा ज़रूर है
मैं जानता हूँ कि सारे बुरे नहीं होतेमगर ये सच है कि सब एक से नहीं होते
दिल के ज़ख़्मों को ज़माने से छुपाने के लिएहँसना पड़ता है यहाँ सब को दिखाने के लिए
राखी की डोर से बंधी खूबसूरत शायरी
रेख़्ता पे मौजूद सौ दुर्लभ पुस्तकों का चयन
रक्षाबन्धन शायरी
बख़्श بَخْش
अंश, खंड, जुज़, भाग, हिस्सा
रख़्शा رَخْشَہ
आग की लपट, अग्निवाला, अग्नि- । शिखा।
रक्षा رَکْھشا
सुरक्षा
रख्शी رَکْھشی
ایک طرح کی شراب جسے نیپالی اور پہاری وغیرہ پیتے ہیں .
Mohan Rakesh
प्रतिभा अग्रवाल
जीवनी
Tahreek-e-Aazadi Aur Urdu Nasr Ka Tanqeedi Jaiza
डाॅ. राकेश कुमार
गद्य/नस्र
Ghazal Para
उर्दू तज़्किरा निगारी
रईस अहमद
तज़्किरा / संस्मरण / जीवनी
Urdu Mein Biswin Sadi Ka Afsanvi Adab
फ़िक्शन तन्क़ीद
Urdu Adab Mein Tanz-o-Mizah Ki Riwayat Aur Ham Asr Rujhanat: Ek Jaeza
हास्य-व्यंग इतिहास और आलोचना
प्रेम चंद का तन्क़ीदी मुताला
नॉवेल / उपन्यास तन्क़ीद
Raqs-e-Mai
ख़ुमार बाराबंकवी
ग़ज़ल
Adhura Aasman
विनोद आसुदानी
Taleemat
गुरु रजनीश ओशो
शिक्षाप्रद
वजूद
काव्य संग्रह
Raqs-e-Bismil Hai
ज़ाहीदा हिना
कहानियाँ
Tarjuma Ka Fan Aur Riwayat
क़ुर्रतुलऐन हैदर के अफ़साने: एक तनक़ीदी-ओ-तजज़ियाती मुता'ला
रईस फ़ातमा
महिलाओं की रचनाएँ
प्रेम चन्द फ़िक्र-ओ-फ़न
आलोचना
आख़िरी दुख है ज़िंदगी का दुखज़िंदगी या'नी बेबसी का दुख
तुझे है प्यार तो यूँ करके चल दिखा मुझ कोसभी के सामने अपने गले लगा मुझ को
चुप हूँ सब जानता मगर हूँ मैंये न समझो कि बे-ख़बर हूँ मैं
तेरा दिल भी मिरे दिल जैसा अगर हो जाएकितना आसाँ मिरे जीवन का सफ़र हो जाए
चराग़ ले के हथेली पे चल सकोगे क्याघना अंधेरा है बाहर निकल सकोगे क्या
कह दो दिल में जो बात बाक़ी हैये न सोचो कि रात बाक़ी है
असर होता नहीं है पत्थरों परहमें भी नाज़ है अपने सरों पर
दीवारों से कान लगा कर बैठे होपहरे पर दरबान लगा कर बैठे हो
उर्दू की शाइ'री है तो होगी ये बात भीइल्म-ए-अरूज़ भी है रुमूज़-ओ-निकात भी
जिन को अपनी राहों में दिक्कतें नहीं मिलतीउन को अपनी मंज़िल की सोहबतें नहीं मिलती
क्यों मुझे लोग समझते कम हैंमेरे दिल में तो सभी के ग़म हैं
गाहे-गाहे न मुझ को ग़िज़ा दीजिएभूक को मारने की दवा दीजिए
तिरे ही साथ मिरे यार है मिरी दुनियातिरे बग़ैर तो बे-कार है मिरी दुनिया
अपने होने की झलक देता हैफ़न कहीं भी हो चमक देता है
रस्म-ए-दुनिया के बयाबाँ में बिछड़ने वालेइश्क़-ए-आवारा तुझे ढूँढ रहा है अब तक
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books