आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "rob"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "rob"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "rob"
ग़ज़ल
सनम क़दमों पे गिरते हैं ज़बानें बंद रहती हैं
बुतों पर रो'ब है अल्लाहु-अकबर इस क़दर मेरा
मोहम्मद यूसुफ़ रासिख़
ग़ज़ल
ज़िंदगी में बे-अदब होने न दे तू रो'ब-ए-हुस्न
ख़ाक है मेरी पस-अज़-मर्ग और दामन यार का
हैदर अली आतिश
सलाम
सिर्फ़ ज़ैनब का वो ख़ुत्बा सर-ए-दरबार न था
रो'ब हैदर का भी था जुरअत-ए-इज़हार के साथ
पीर सय्यद नसीरुद्दीन नसीर गीलानी
शेर
शब-ए-फ़िराक़ का छाया हुआ है रोब ऐसा
बुला बुला के थके हम क़ज़ा नहीं आई
सययद मोहम्म्द अब्दुल ग़फ़ूर शहबाज़
शेर
मिरे रोब में तो वो आ गया मिरे सामने तो वो झुक गया
मुझे लात खा के हुई ख़बर मुझे पीटता कोई और है
ज़ियाउल हक़ क़ासमी
ग़ज़ल
नज़र चेहरे पे डाली है मगर कुछ सहमी सहमी सी
हसीनों का ये रो'ब-ए-हुस्न उन का पासबाँ क्यों हो
जयकृष्ण चौधरी हबीब
ग़ज़ल
सिर्फ़ परवाना अदब से दम-ब-ख़ुद रहता नहीं
तेरे रो'ब-ए-हुस्न से महफ़िल में थर्राती है शम'







