आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "thaa.........."
अत्यधिक संबंधित परिणाम "thaa.........."
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "thaa.........."
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "thaa.........."
नज़्म
भली सी एक शक्ल थी
भले दिनों की बात है
भली सी एक शक्ल थी
न ये कि हुस्न-ए-ताम हो
न देखने में आम सी
अहमद फ़राज़
ग़ज़ल
कहाँ मय-ख़ाने का दरवाज़ा 'ग़ालिब' और कहाँ वाइ'ज़
पर इतना जानते हैं कल वो जाता था कि हम निकले
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी



