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नज़्म
इबलीस की मजलिस-ए-शूरा
फ़ितना-ए-फ़र्दा की हैबत का ये आलम है कि आज
काँपते हैं कोहसार-ओ-मुर्ग़-ज़ार-ओ-जूएबार
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा
सिलसिला-ए-रोज़-ओ-शब साज़-ए-अज़ल की फ़ुग़ाँ
जिस से दिखाती है ज़ात ज़ेर-ओ-बम-ए-मुम्किनात
अल्लामा इक़बाल
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रेख़्ता शब्दकोश
mero
मेरो میرو
ایک بیماری کا نام جو میرو مکھی کے کیڑے سے مویشیوں اور بکریوں میں پیدا ہوتی ہے جس میں کھال کے اندر گلٹیاں پیدا ہو جاتی ہیں ۔
dekho
देखो دیکھو
see! behold! lo! observe! look here!, look out! be on your guard!, look, see, watch, perhaps!, you will see!
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नज़्म
नई तहज़ीब
किसी को इस तग़य्युर का न हिस होगा न ग़म होगा
हुए जिस साज़ से पैदा उसी के ज़ेर-ओ-बम होंगे
अकबर इलाहाबादी
नज़्म
अपनी मल्का-ए-सुख़न से
दरिया का मोड़ नग़्मा-ए-शीरीं का ज़ेर-ओ-बम
चादर शब-ए-नुजूम की शबनम का रख़्त-ए-नम
जोश मलीहाबादी
ग़ज़ल
रात आख़िर हुई और बज़्म हुई ज़ेर-ओ-ज़बर
अब न देखोगे कभी लुत्फ़-ए-शबाना हरगिज़
अल्ताफ़ हुसैन हाली
ग़ज़ल
इश्क़ से पैदा नवा-ए-ज़िंदगी में ज़ेर-ओ-बम
इश्क़ से मिट्टी की तस्वीरों में सोज़-ए-दम-ब-दम
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
साबिर ज़फ़र
ग़ज़ल
ज़ेर-ओ-बम से साज़-ए-ख़िलक़त के जहाँ बनता गया
ये ज़मीं बनती गई ये आसमाँ बनता गया
फ़िराक़ गोरखपुरी
शेर
ये माना इंक़लाब-ए-ज़िंदगी में लाख ख़तरे हैं
तमन्ना फिर भी है ये ज़िंदगी ज़ेर-ओ-ज़बर होती
फ़िराक़ गोरखपुरी
ग़ज़ल
बस-कि वीरानी से कुफ़्र-ओ-दीं हुए ज़ेर-ओ-ज़बर
गर्द-ए-सहरा-ए-हरम ता-कूचा-ए-ज़ुन्नार है
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
बात करने में जो लब उस के हुए ज़ेर-ओ-ज़बर
एक साअत में तह-ओ-बाला ज़माना हो गया

