आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "zar"
नज़्म
ये चमन-ज़ार ये जमुना का किनारा ये महल
ये मुनक़्क़श दर ओ दीवार ये मेहराब ये ताक़
साहिर लुधियानवी
नज़्म
वो दोशीज़ा भी शायद दास्तानों की हो दिल-दादा
उसे मालूम होगा 'ज़ाल' था 'सोहराब' का दादा
जौन एलिया
नज़्म
क्या सुनोगी मिरी मजरूह जवानी की पुकार
मेरी फ़रियाद-ए-जिगर-दोज़ मिरा नाला-ए-ज़ार
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
असर कुछ ख़्वाब का ग़ुंचों में बाक़ी है तू ऐ बुलबुल
नवा-रा तल्ख़-तरमी ज़न चू ज़ौक़-ए-नग़्मा कम-याबी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तन्हाई में क्या क्या न तुझे याद किया है
क्या क्या न दिल-ए-ज़ार ने ढूँडी हैं पनाहें
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
सारे जहाँ को जिस ने इल्म ओ हुनर दिया था
मिट्टी को जिस की हक़ ने ज़र का असर दिया था
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हर मंज़िल में अब साथ तिरे ये जितना डेरा-डांडा है
ज़र दाम-दिरम का भांडा है बंदूक़ सिपर और खांडा है
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
हम ने ख़ुद शाही को पहनाया है जमहूरी लिबास
जब ज़रा आदम हुआ है ख़ुद-शनास-ओ-ख़ुद-निगर
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हत्ता कि अपने ज़ोहद-ओ-रियाज़त के ज़ोर से
ख़ालिक़ से जा मिला है सो है वो भी आदमी