आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zeb"
नज़्म के संबंधित परिणाम "zeb"
नज़्म
था सरापा रूह तू बज़्म-ए-सुख़न पैकर तिरा
ज़ेब-ए-महफ़िल भी रहा महफ़िल से पिन्हाँ भी रहा
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
न पैदा होगी खत-ए-नस्ख़ से शान-ए-अदब-आगीं
न नस्तालीक़ हर्फ़ इस तौर से ज़ेब-ए-रक़म होंगे
अकबर इलाहाबादी
नज़्म
तेरे जबीं से नूर-ए-हुस्न-ए-अज़ल अयाँ है
अल्लाह-रे ज़ेब-ओ-ज़ीनत क्या औज-ए-इज़्ज़-ओ-शाँ है
चकबस्त बृज नारायण
नज़्म
आप हैं फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा-ए-पाक से कुर्सी-नशीं
इंतिज़ाम-ए-सल्तनत है आप के ज़ेर-ए-नगीं
जोश मलीहाबादी
नज़्म
मैं सारे ज़माने से यकसर जुदा हूँ
मुझे ज़ेब देता है मैं अपनी दीवार में इस तरह से मुक़य्यद रहूँ
सोहैब मुग़ीरा सिद्दीक़ी
नज़्म
ज़ेब-ए-महफ़िल है शरीक-ए-शोरिश-ए-महफ़िल नहीं
ये फ़राग़त बज़्म-ए-हस्ती में मुझे हासिल नहीं
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हुई है ज़ेब-ओ-ज़ीनत और ख़ूबाँ को तो राखी से
व-लेकिन तुम से ऐ जाँ और कुछ राखी के गुल फूले
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
तू और ज़ेब-ओ-ज़ीनत-ए-अलवान-ए-ज़र-निगार
क्या तेरे क़स्र-ए-नाज़ की हिलती नहीं ज़मीं
जाँ निसार अख़्तर
नज़्म
ज़ेब देता है लिबास-ए-नौ नए अंदाज़ में
तन बदन भी है मोअ'त्तर ये जमाल-ए-ईद है
निसार कुबरा अज़ीमाबादी
नज़्म
ज़ेब-ओ-ज़ीनत में तू ऐ जान-ए-जहाँ मशहूर है
ख़ैर ओ बरकत से तू ऐ हिन्दोस्ताँ मामूर है
सफ़ीर काकोरवी
नज़्म
दिल मसर्रत की फ़रावानी से दीवाना है आज
देखना ये कौन आख़िर ज़ेब-ए-काशाना है आज
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
वो शोख़ रंगीला जब आया याँ होली की कर तय्यारी
पोशाक सुनहरी ज़ेब-ए-बदन और हाथ चमकती पिचकारी