बिस्मिल अज़ीमाबादी के 10 बेहतरीन शेर

अज़ीमाबाद के नामचीन शायर, मशहूर शेर ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है / देखना है जोर कितना बाज़ुए क़ातिल में है’ के रचयिता

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

बिस्मिल अज़ीमाबादी

हो मायूस ख़ुदा से 'बिस्मिल'

ये बुरे दिन भी गुज़र जाएँगे

बिस्मिल अज़ीमाबादी

मजबूरियों को अपनी कहें क्या किसी से हम

लाए गए हैं, आए नहीं हैं ख़ुशी से हम

बिस्मिल अज़ीमाबादी

अल्लाह तेरे हाथ है अब आबरू-ए-शौक़

दम घुट रहा है वक़्त की रफ़्तार देख कर

बिस्मिल अज़ीमाबादी

तुम सुन के क्या करोगे कहानी ग़रीब की

जो सब की सुन रहा है कहेंगे उसी से हम

बिस्मिल अज़ीमाबादी

जुरअत-ए-शौक़ तो क्या कुछ नहीं कहती लेकिन

पाँव फैलाने नहीं देती है चादर मुझ को

बिस्मिल अज़ीमाबादी

एक दिन वो दिन थे रोने पे हँसा करते थे हम

एक ये दिन हैं कि अब हँसने पे रोना आए है

बिस्मिल अज़ीमाबादी

'बिस्मिल' बुतों का इश्क़ मुबारक तुम्हें मगर

इतने निडर हो कि ख़ुदा का भी डर हो

बिस्मिल अज़ीमाबादी

कहाँ क़रार है कहने को दिल क़रार में है

जो थी ख़िज़ाँ में वही कैफ़ियत बहार में है

बिस्मिल अज़ीमाबादी

क्या करें जाम-ओ-सुबू हाथ पकड़ लेते हैं

जी तो कहता है कि उठ जाइए मय-ख़ाने से

बिस्मिल अज़ीमाबादी