इस्माइल मेरठी के 10 बेहतरीन शेर

बच्चों की शायरी के लिए प्रसिद्ध

दोस्ती और किसी ग़रज़ के लिए

वो तिजारत है दोस्ती ही नहीं

इस्माइल मेरठी

कभी भूल कर किसी से करो सुलूक ऐसा

कि जो तुम से कोई करता तुम्हें नागवार होता

इस्माइल मेरठी

तारीफ़ उस ख़ुदा की जिस ने जहाँ बनाया

कैसी ज़मीं बनाई क्या आसमाँ बनाया

इस्माइल मेरठी

ख़्वाहिशों ने डुबो दिया दिल को

वर्ना ये बहर-ए-बे-कराँ होता

इस्माइल मेरठी

छुरी का तीर का तलवार का तो घाव भरा

लगा जो ज़ख़्म ज़बाँ का रहा हमेशा हरा

इस्माइल मेरठी

बद की सोहबत में मत बैठो इस का है अंजाम बुरा

बद बने तो बद कहलाए बद अच्छा बदनाम बुरा

इस्माइल मेरठी

सुब्ह के भूले तो आए शाम को

देखिए कब आएँ भूले शाम के

इस्माइल मेरठी

अपनी ही जल्वागरी है ये कोई और नहीं

ग़ौर से देख अगर आँख में बीनाई है

इस्माइल मेरठी

सब कुछ तो किया हम ने कुछ भी किया हाए

हैरान हैं क्या जानिए क्या हो नहीं सकता

इस्माइल मेरठी

हर शक्ल में था वही नुमूदार

हम ने ही निगाह-ए-सरसरी की

इस्माइल मेरठी