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शायरों,कलाकारों और लेखकों के वीडियो

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Shoaib Nizam is one of the prominent names of modern Urdu poetry. His poetry is the mirror of the modern times depicting the hardship and insensitivity of human emotion. Shoaib Nizam is reciting his ghazal at Sham e Sher Mushaira by Rekhta.org

दुनिया से दुनिया में रह कर कैसे किनारा कर रक्खा है

वीडियो का सेक्शन
रेख़्ता स्टूडियो
दुनिया से दुनिया में रह कर कैसे किनारा कर रक्खा है

दुनिया से दुनिया में रह कर कैसे किनारा कर रक्खा है शोएब निज़ाम

दरों को चुनता हूँ दीवार से निकलता हूँ

दरों को चुनता हूँ दीवार से निकलता हूँ शोएब निज़ाम

Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi

Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

Mahol banane wale jumle_Nazm by Shariq kaifi

Mahol banane wale jumle_Nazm by Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

Kuch qadam aur jism ko dhona hai yahan_Shariq kaifi

Kuch qadam aur jism ko dhona hai yahan_Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

Kisi ke samajhdar hone talak_Nazm by Shariq Kaifi

Kisi ke samajhdar hone talak_Nazm by Shariq Kaifi शारिक़ कैफ़ी

वो ताज़ा-दम हैं नए शो'बदे दिखाते हुए

वो ताज़ा-दम हैं नए शो'बदे दिखाते हुए अज़हर इनायती

इस रास्ते में जब कोई साया न पाएगा

इस रास्ते में जब कोई साया न पाएगा अज़हर इनायती

घर तो हमारा शो'लों के नर्ग़े में आ गया

घर तो हमारा शो'लों के नर्ग़े में आ गया अज़हर इनायती

Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org

Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org शारिब रुदौलवी

Zubair Rizvi ricitng his ghazal/nazm at sham e sher mushaira by Rekhta.org

Zubair Rizvi ricitng his ghazal/nazm at sham e sher mushaira by Rekhta.org ज़ुबैर रिज़वी

Sultan Akhtar reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Sultan Akhtar reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 सुल्तान अख़्तर

Sheen Kaaf Nizam reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Sheen Kaaf Nizam reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 शीन काफ़ निज़ाम

Abdul Ahad Saaz reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Abdul Ahad Saaz reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 अब्दुल अहद साज़

Shamim Abbas reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Shamim Abbas reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 शमीम अब्बास

Azhar Inayati reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Azhar Inayati reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 अज़हर इनायती

Mohammad Alvi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Mohammad Alvi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 मोहम्मद अल्वी

Khushbir Singh Shaad reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Khushbir Singh Shaad reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 ख़ुशबीर सिंह शाद

Mahtab Haidar Naqvi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Mahtab Haidar Naqvi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 महताब हैदर नक़वी

Shoaib Nizam reciting his Ghazal/Nazm at Shaam-e-Sher Mushaira by Rekhta.org-2014

Shoaib Nizam reciting his Ghazal/Nazm at Shaam-e-Sher Mushaira by Rekhta.org-2014 शोएब निज़ाम

Shariq Kaifi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Shariq Kaifi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 शारिक़ कैफ़ी

Ameer Imam reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Ameer Imam reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 अमीर इमाम

Abhishek Shukla reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

Abhishek Shukla reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 अभिषेक शुक्ला

Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio

Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

Gul gaya Bulbul gai patta bhi ab baari me hai_Dilip Shakya at Rekhta Studio

Gul gaya Bulbul gai patta bhi ab baari me hai_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

Dar badar hota hai deewar se khoon rishta_Dilip Shakya at Rekhta Studio

Dar badar hota hai deewar se khoon rishta_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ

अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ अमीर इमाम

नींद रातों की उड़ा देते हैं

नींद रातों की उड़ा देते हैं मोहम्मद अल्वी

कोई मौसम हो भले लगते थे

कोई मौसम हो भले लगते थे मोहम्मद अल्वी

गिरह में रिश्वत का माल रखिए

गिरह में रिश्वत का माल रखिए मोहम्मद अल्वी

वीडियो का सेक्शन
शायर
फ़रहत एहसास

फ़रहत एहसास फ़रहत एहसास

वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द

वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द कैफ़ी आज़मी

ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है

ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है शहरयार

शारिक़ कैफ़ी

शारिक़ कैफ़ी शारिक़ कैफ़ी

एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग

एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग किश्वर नाहीद

अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए

अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए उबैदुल्लाह अलीम

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो बशीर बद्र

बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है

बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है ख़ुशबीर सिंह शाद

Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice

Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दस्तूर

दस्तूर हबीब जालिब

Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1)

Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1) गुलज़ार देहलवी

अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं

अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं ख़ुमार बाराबंकवी

नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है

नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है पी पी श्रीवास्तव रिंद

अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से इफ़्तिख़ार आरिफ़

Qatiil Shifai reading in a mushaira

Qatiil Shifai reading in a mushaira क़तील शिफ़ाई

इंटरनेट-स्थान की मलिका

इंटरनेट-स्थान की मलिका सरवत ज़ेहरा

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा मजरूह सुल्तानपुरी

इक़बाल अशहर

इक़बाल अशहर इक़बाल अशहर

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया परवीन शाकिर

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए जाँ निसार अख़्तर

दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद

दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद जिगर मुरादाबादी

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ग़ज़ल गायक
हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है

हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है अमानत अली ख़ान

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है हबीब वली मोहम्मद

जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे

जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे मलिका पुखराज

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही इक़बाल बानो

अपनी धुन में रहता हूँ

अपनी धुन में रहता हूँ ग़ुलाम अली

साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें

साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें फ़रीदा ख़ानम

वही मेरी कम-नसीबी वही तेरी बे-नियाज़ी

वही मेरी कम-नसीबी वही तेरी बे-नियाज़ी नय्यरा नूर

गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले

गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले ख़ुर्शीद बेगम

असर उस को ज़रा नहीं होता

असर उस को ज़रा नहीं होता फ़रीदा ख़ानम

हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके

हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके मेहदी हसन

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे बेगम अख़्तर

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही आबिदा परवीन

ये क्या जगह है दोस्तो ये कौन सा दयार है

ये क्या जगह है दोस्तो ये कौन सा दयार है आशा भोसले

गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी

गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी बेगम अख़्तर

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है असद अमानत अली

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ मेहदी हसन

तिरी अंजुमन में ज़ालिम अजब एहतिमाम देखा

तिरी अंजुमन में ज़ालिम अजब एहतिमाम देखा मुन्नी बेगम

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो हरिहरण

कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा

कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा ग़ुलाम अली

ये मो'जिज़ा भी मोहब्बत कभी दिखाए मुझे

ये मो'जिज़ा भी मोहब्बत कभी दिखाए मुझे जगजीत सिंह

आदमी आदमी से मिलता है

आदमी आदमी से मिलता है आबिदा परवीन

दर्द से मेरे है तुझ को बे-क़रारी हाए हाए

दर्द से मेरे है तुझ को बे-क़रारी हाए हाए मलिका पुखराज

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें नूर जहाँ

तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए

तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए आबिदा परवीन

गेसू-ए-ताबदार को और भी ताबदार कर

गेसू-ए-ताबदार को और भी ताबदार कर फरीहा परवेज़

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया फ़रीदा ख़ानम

शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही

शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही हबीब वली मोहम्मद

रहिए अब ऐसी जगह चल कर जहाँ कोई न हो

रहिए अब ऐसी जगह चल कर जहाँ कोई न हो सुरैया

वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो

वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो बेगम अख़्तर

हस्ती अपनी हबाब की सी है

हस्ती अपनी हबाब की सी है फ़रीदा ख़ानम

वीडियो का सेक्शन
इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्री फिल्में
Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi

Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org

Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org शारिब रुदौलवी

Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio

Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

Discussion among Waseem Barelvi, Zamarrud Mughal & Farhat Ehsas at Rekhta Studio

Discussion among Waseem Barelvi, Zamarrud Mughal & Farhat Ehsas at Rekhta Studio वसीम बरेलवी

ज़ुल्फ़ को अब्र का टुकड़ा नहीं लिख्खा मैं ने

ज़ुल्फ़ को अब्र का टुकड़ा नहीं लिख्खा मैं ने अनवर जलालपुरी

Shab o roz aur dambadam dekhte hain

Shab o roz aur dambadam dekhte hain सय्यद तक़ी आबिदी

Ashok Wajpayee in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio Part 2

Ashok Wajpayee in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio Part 2 अशोक वाजपयी

Discussion among Balraj Menra, Prof. Shamim Hanfi, Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Discussion among Balraj Menra, Prof. Shamim Hanfi, Zamarrud Mughal for Rekhta.org बलराज मेनरा

ये मोजज़ा है कि मैं रात काट देता हूँ

ये मोजज़ा है कि मैं रात काट देता हूँ मुईद रशीदी

Asif Farrukhi Interview for Rekhta.org

Asif Farrukhi Interview for Rekhta.org आसिफ़ फर्ऱुखी

Umr bhar aah bharunga mujhe maalum na tha

Umr bhar aah bharunga mujhe maalum na tha सरवर उस्मानी

Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio

Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio बासिर सुल्तान काज़मी

Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org पीरज़ादा क़ासीम

Zara apne pairon se hawa ke jute utaar

Zara apne pairon se hawa ke jute utaar शबनम अशाई

Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein

Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein मोहम्मद आज़म

Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org विविध

Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2

Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2 रहमान अब्बास

Agni Warsha hai to hai

Agni Warsha hai to hai एहतराम इस्लाम

Waqt se lamha lamha kheli hai

Waqt se lamha lamha kheli hai अमीता परसुराम मीता

Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio

Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio क़ुद्दूस जावेद

Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org तौसीफ़ अख़्तर

Javed Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Javed Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org जावेद अख़्तर

Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1)

Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1) पॉपुलर मेरठी

Rekhta Studio - Dr. Razi Amrohvi (Season 1, Episode 1)

Rekhta Studio - Dr. Razi Amrohvi (Season 1, Episode 1) रज़ी अमरोहवी

Rekhta Studio - Masroor Shahjahanpuri (Season 1, Episode 1)

Rekhta Studio - Masroor Shahjahanpuri (Season 1, Episode 1) मसरूर शाहजहाँपुरी

Rekhta Studio - Asim Pirzada (Season 1, Episode 1)

Rekhta Studio - Asim Pirzada (Season 1, Episode 1) आसिम पीरज़ादा

Rekhta Studio - Asrar Jamayee (Season 1, Episode 1)

Rekhta Studio - Asrar Jamayee (Season 1, Episode 1) असरार जामई

Padma Sachdev in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Padma Sachdev in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org पद्मा सचदेव

तेरे पहलू में तिरे दिल के क़रीं रहना है

तेरे पहलू में तिरे दिल के क़रीं रहना है अशफ़ाक़ हुसैन

Abrar Kiratpuri Interview at Rekhta Studio

Abrar Kiratpuri Interview at Rekhta Studio अबरार किरतपुरी

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फ़िल्मी ग़ज़लें
बंजारा-नामा

बंजारा-नामा Mukesh

Khuda ka shukr sahare baghair beet gai

Khuda ka shukr sahare baghair beet gai Anwar Shuoor

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं Gayatri Asokan

Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi

Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi Sanam Marvi

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए Mohammad Rafi

आप की याद आती रही रात भर

आप की याद आती रही रात भर Chaya Ganguly

Shaam-e-gham ki qasam

Shaam-e-gham ki qasam Talat Mahmood

मकान

मकान Kaifi Azmi

khaali haath shaam aayi hai

khaali haath shaam aayi hai Asha Bhosle

Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira

Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira Munawwar Rana

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया Begum Akhtar

यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए

यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए Lata Mangeshkar

दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है

दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है Anuradha Paudwal

Tumko dekhta to ye khayal aaya

Tumko dekhta to ye khayal aaya Jagjit Singh

tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa

tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa Ghulam Ali

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें Talat Aziz

Zareef Jabalpuri

वीडियो का सेक्शन
ज़िया मोहीउद्दीन वीडियो
Zia's Monologue

Zia's Monologue ज़िया मोहीउद्दीन

Intizar Hussain

Intizar Hussain ज़िया मोहीउद्दीन

Zia reads Mir Taqi Mir

Zia reads Mir Taqi Mir ज़िया मोहीउद्दीन

"Shakespeare aur Main"

"Shakespeare aur Main" ज़िया मोहीउद्दीन

Mirza Rafi Sauda

Mirza Rafi Sauda ज़िया मोहीउद्दीन

Josh Malihabadi

Josh Malihabadi ज़िया मोहीउद्दीन

Wajid Ali Shah Akhtar

Wajid Ali Shah Akhtar ज़िया मोहीउद्दीन

Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin

Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin ज़िया मोहीउद्दीन

Mushtaq Ahmad Yousufi

Mushtaq Ahmad Yousufi ज़िया मोहीउद्दीन

Allama Iqbal

Allama Iqbal ज़िया मोहीउद्दीन

वीडियो का सेक्शन
इल्म-ए-अरूज़
Taqteeh

Lecture 24 Taqteeh

Bahr-e-Mutadarik

Lecture 10 Bahr-e-Mutadarik

Bahr-e-Mutaqarib

Lecture 9 Bahr-e-Mutaqarib

Aroozi Arkan

Lecture 3 Aroozi Arkan

Bahr-e-Mushakil

Lecture 19 Bahr-e-Mushakil

Bahr-e-Hazaj

Lecture 4 Bahr-e-Hazaj

Bahr-e-Ramal

Lecture 6 Bahr-e-Ramal

Introduction

Lecture 1 Introduction

Bahr-e-Baseet

Lecture 22 Bahr-e-Baseet

Bahr-e-Rajaz

Lecture 5 Bahr-e-Rajaz

Bahr-e-Madid

Lecture 21 Bahr-e-Madid

Bahr-e-Kamil

Lecture 7 Bahr-e-Kamil

Qafiya aur Radeef

Lecture 23 Qafiya aur Radeef

Bahr-e-Muqtazib

Lecture 14 Bahr-e-Muqtazib

Bahr-e-Qarib

Lecture 17 Bahr-e-Qarib

Bahr-e-Saree

Lecture 15 Bahr-e-Saree

Bahr-e-Munsarah

Lecture 13 Bahr-e-Munsarah

Bahr-e-Jadid

Lecture 18 Bahr-e-Jadid

Bahr-e-Mujtas

Lecture 12 Bahr-e-Mujtas

Bahr-e-Khafif

Lecture 16 Bahr-e-Khafif

Bahr-e-Taweel

Lecture 20 Bahr-e-Taweel

Sher Goi

Lecture 25 Sher Goi

Bahr-e-Wafir

Lecture 8 Bahr-e-Wafir

Ahang ki mizaan urooz hai

Lecture 2 Ahang ki mizaan urooz hai

Bahr-e-Muzare

Lecture 11 Bahr-e-Muzare

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    Mahtab Haidar Naqvi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 महताब हैदर नक़वी

  • Shoaib Nizam reciting his Ghazal/Nazm at Shaam-e-Sher Mushaira by Rekhta.org-2014

    Shoaib Nizam reciting his Ghazal/Nazm at Shaam-e-Sher Mushaira by Rekhta.org-2014 शोएब निज़ाम

  • Shariq Kaifi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

    Shariq Kaifi reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 शारिक़ कैफ़ी

  • Ameer Imam reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

    Ameer Imam reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 अमीर इमाम

  • Abhishek Shukla reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014

    Abhishek Shukla reciting his Ghazal/Nazm at Mushaira (Shaam-e-Sher) by Rekhta.org-2014 अभिषेक शुक्ला

  • Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio

    Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

  • Gul gaya Bulbul gai patta bhi ab baari me hai_Dilip Shakya at Rekhta Studio

    Gul gaya Bulbul gai patta bhi ab baari me hai_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

  • Dar badar hota hai deewar se khoon rishta_Dilip Shakya at Rekhta Studio

    Dar badar hota hai deewar se khoon rishta_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

  • अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ

    अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ अमीर इमाम

  • नींद रातों की उड़ा देते हैं

    नींद रातों की उड़ा देते हैं मोहम्मद अल्वी

  • कोई मौसम हो भले लगते थे

    कोई मौसम हो भले लगते थे मोहम्मद अल्वी

  • गिरह में रिश्वत का माल रखिए

    गिरह में रिश्वत का माल रखिए मोहम्मद अल्वी

शायरसमस्त

  • फ़रहत एहसास

    फ़रहत एहसास फ़रहत एहसास

  • वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द

    वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द कैफ़ी आज़मी

  • ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है

    ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है शहरयार

  • शारिक़ कैफ़ी

    शारिक़ कैफ़ी शारिक़ कैफ़ी

  • एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग

    एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग किश्वर नाहीद

  • अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए

    अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए उबैदुल्लाह अलीम

  • यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो

    यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो बशीर बद्र

  • बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है

    बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है ख़ुशबीर सिंह शाद

  • Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice

    Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • दस्तूर

    दस्तूर हबीब जालिब

  • Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1)

    Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1) गुलज़ार देहलवी

  • अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं

    अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं ख़ुमार बाराबंकवी

  • नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है

    नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

    अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • Qatiil Shifai reading in a mushaira

    Qatiil Shifai reading in a mushaira क़तील शिफ़ाई

  • इंटरनेट-स्थान की मलिका

    इंटरनेट-स्थान की मलिका सरवत ज़ेहरा

  • हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा

    हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा मजरूह सुल्तानपुरी

  • इक़बाल अशहर

    इक़बाल अशहर इक़बाल अशहर

  • चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया

    चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया परवीन शाकिर

  • जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए

    जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए जाँ निसार अख़्तर

  • दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद

    दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद जिगर मुरादाबादी

ग़ज़ल गायकसमस्त

  • हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है

    हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है अकबर इलाहाबादी

  • तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

    तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे

    जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे वली मोहम्मद वली

  • नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

    नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • अपनी धुन में रहता हूँ

    अपनी धुन में रहता हूँ नासिर काज़मी

  • साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें

    साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें दाग़ देहलवी

  • वही मेरी कम-नसीबी वही तेरी बे-नियाज़ी

    वही मेरी कम-नसीबी वही तेरी बे-नियाज़ी अल्लामा इक़बाल

  • गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले

    गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • असर उस को ज़रा नहीं होता

    असर उस को ज़रा नहीं होता मोमिन ख़ाँ मोमिन

  • हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके

    हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके हफ़ीज़ जालंधरी

  • मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

    मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे शकील बदायुनी

  • नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

    नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • ये क्या जगह है दोस्तो ये कौन सा दयार है

    ये क्या जगह है दोस्तो ये कौन सा दयार है शहरयार

  • गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी

    गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी मोहम्मद रफ़ी सौदा

  • तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

    तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ

    रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ अहमद फ़राज़

  • तिरी अंजुमन में ज़ालिम अजब एहतिमाम देखा

    तिरी अंजुमन में ज़ालिम अजब एहतिमाम देखा शकील बदायुनी

  • अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

    अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो शहरयार

  • कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा

    कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा इब्न-ए-इंशा

  • ये मो'जिज़ा भी मोहब्बत कभी दिखाए मुझे

    ये मो'जिज़ा भी मोहब्बत कभी दिखाए मुझे क़तील शिफ़ाई

  • आदमी आदमी से मिलता है

    आदमी आदमी से मिलता है जिगर मुरादाबादी

  • दर्द से मेरे है तुझ को बे-क़रारी हाए हाए

    दर्द से मेरे है तुझ को बे-क़रारी हाए हाए मिर्ज़ा ग़ालिब

  • दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें

    दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें दाग़ देहलवी

  • तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए

    तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • गेसू-ए-ताबदार को और भी ताबदार कर

    गेसू-ए-ताबदार को और भी ताबदार कर अल्लामा इक़बाल

  • न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

    न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही

    शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही बहादुर शाह ज़फ़र

  • रहिए अब ऐसी जगह चल कर जहाँ कोई न हो

    रहिए अब ऐसी जगह चल कर जहाँ कोई न हो मिर्ज़ा ग़ालिब

  • वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो

    वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो मोमिन ख़ाँ मोमिन

  • हस्ती अपनी हबाब की सी है

    हस्ती अपनी हबाब की सी है मीर तक़ी मीर

इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्री फिल्मेंसमस्त

  • Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi

    Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

  • Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org

    Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org शारिब रुदौलवी

  • Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio

    Main ek sira hoon falak ka to dusra hai tu_Dilip Shakya at Rekhta Studio दिलीप शाक्य

  • Discussion among Waseem Barelvi, Zamarrud Mughal & Farhat Ehsas at Rekhta Studio

    Discussion among Waseem Barelvi, Zamarrud Mughal & Farhat Ehsas at Rekhta Studio वसीम बरेलवी

  • ज़ुल्फ़ को अब्र का टुकड़ा नहीं लिख्खा मैं ने

    ज़ुल्फ़ को अब्र का टुकड़ा नहीं लिख्खा मैं ने अनवर जलालपुरी

  • Shab o roz aur dambadam dekhte hain

    Shab o roz aur dambadam dekhte hain सय्यद तक़ी आबिदी

  • Ashok Wajpayee in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio Part 2

    Ashok Wajpayee in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio Part 2 अशोक वाजपयी

  • Discussion among Balraj Menra, Prof. Shamim Hanfi, Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Discussion among Balraj Menra, Prof. Shamim Hanfi, Zamarrud Mughal for Rekhta.org बलराज मेनरा

  • ये मोजज़ा है कि मैं रात काट देता हूँ

    ये मोजज़ा है कि मैं रात काट देता हूँ मुईद रशीदी

  • Asif Farrukhi Interview for Rekhta.org

    Asif Farrukhi Interview for Rekhta.org आसिफ़ फर्ऱुखी

  • Umr bhar aah bharunga mujhe maalum na tha

    Umr bhar aah bharunga mujhe maalum na tha सरवर उस्मानी

  • Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio

    Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio बासिर सुल्तान काज़मी

  • Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org पीरज़ादा क़ासीम

  • Zara apne pairon se hawa ke jute utaar

    Zara apne pairon se hawa ke jute utaar शबनम अशाई

  • Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein

    Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein मोहम्मद आज़म

  • Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org विविध

  • Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2

    Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2 रहमान अब्बास

  • Agni Warsha hai to hai

    Agni Warsha hai to hai एहतराम इस्लाम

  • Waqt se lamha lamha kheli hai

    Waqt se lamha lamha kheli hai अमीता परसुराम मीता

  • Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio

    Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio क़ुद्दूस जावेद

  • Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org तौसीफ़ अख़्तर

  • Javed Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Javed Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org जावेद अख़्तर

  • Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1) पॉपुलर मेरठी

  • Rekhta Studio - Dr. Razi Amrohvi (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Dr. Razi Amrohvi (Season 1, Episode 1) रज़ी अमरोहवी

  • Rekhta Studio - Masroor Shahjahanpuri (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Masroor Shahjahanpuri (Season 1, Episode 1) मसरूर शाहजहाँपुरी

  • Rekhta Studio - Asim Pirzada (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Asim Pirzada (Season 1, Episode 1) आसिम पीरज़ादा

  • Rekhta Studio - Asrar Jamayee (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Asrar Jamayee (Season 1, Episode 1) असरार जामई

  • Padma Sachdev in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Padma Sachdev in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org पद्मा सचदेव

  • तेरे पहलू में तिरे दिल के क़रीं रहना है

    तेरे पहलू में तिरे दिल के क़रीं रहना है अशफ़ाक़ हुसैन

  • Abrar Kiratpuri Interview at Rekhta Studio

    Abrar Kiratpuri Interview at Rekhta Studio अबरार किरतपुरी

फ़िल्मी ग़ज़लेंसमस्त

  • बंजारा-नामा

    बंजारा-नामा Mukesh

  • Khuda ka shukr sahare baghair beet gai

    Khuda ka shukr sahare baghair beet gai Anwar Shuoor

  • सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

    सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं Gayatri Asokan

  • Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi

    Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi Sanam Marvi

  • किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए

    किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए Mohammad Rafi

  • आप की याद आती रही रात भर

    आप की याद आती रही रात भर Chaya Ganguly

  • Shaam-e-gham ki qasam

    Shaam-e-gham ki qasam Talat Mahmood

  • मकान

    मकान Kaifi Azmi

  • khaali haath shaam aayi hai

    khaali haath shaam aayi hai Asha Bhosle

  • Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira

    Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira Munawwar Rana

  • ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

    ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया Begum Akhtar

  • यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए

    यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए Lata Mangeshkar

  • दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है

    दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है Anuradha Paudwal

  • Tumko dekhta to ye khayal aaya

    Tumko dekhta to ye khayal aaya Jagjit Singh

  • tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa

    tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa Ghulam Ali

  • ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

    ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें Talat Aziz

  • Zareef Jabalpuri

ज़िया मोहीउद्दीन वीडियोसमस्त

  • Zia's Monologue

    Zia's Monologue

  • Intizar Hussain

    Intizar Hussain

  • Zia reads Mir Taqi Mir

    Zia reads Mir Taqi Mir

  • "Shakespeare aur Main"

    "Shakespeare aur Main"

  • Mirza Rafi Sauda

    Mirza Rafi Sauda

  • Josh Malihabadi

    Josh Malihabadi

  • Wajid Ali Shah Akhtar

    Wajid Ali Shah Akhtar

  • Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin

    Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin

  • Mushtaq Ahmad Yousufi

    Mushtaq Ahmad Yousufi

  • Allama Iqbal

    Allama Iqbal

इल्म-ए-अरूज़समस्त

  • Introduction

    Lecture 1 Introduction

  • Bahr-e-Mutadarik

    Lecture 10 Bahr-e-Mutadarik

  • Bahr-e-Muzare

    Lecture 11 Bahr-e-Muzare

  • Bahr-e-Mujtas

    Lecture 12 Bahr-e-Mujtas

  • Bahr-e-Munsarah

    Lecture 13 Bahr-e-Munsarah

  • Bahr-e-Muqtazib

    Lecture 14 Bahr-e-Muqtazib

  • Bahr-e-Saree

    Lecture 15 Bahr-e-Saree

  • Bahr-e-Khafif

    Lecture 16 Bahr-e-Khafif

  • Bahr-e-Qarib

    Lecture 17 Bahr-e-Qarib

  • Bahr-e-Jadid

    Lecture 18 Bahr-e-Jadid

  • Bahr-e-Mushakil

    Lecture 19 Bahr-e-Mushakil

  • Ahang ki mizaan urooz hai

    Lecture 2 Ahang ki mizaan urooz hai

  • Bahr-e-Taweel

    Lecture 20 Bahr-e-Taweel

  • Bahr-e-Madid

    Lecture 21 Bahr-e-Madid

  • Bahr-e-Baseet

    Lecture 22 Bahr-e-Baseet

  • Qafiya aur Radeef

    Lecture 23 Qafiya aur Radeef

  • Taqteeh

    Lecture 24 Taqteeh

  • Sher Goi

    Lecture 25 Sher Goi

  • Aroozi Arkan

    Lecture 3 Aroozi Arkan

  • Bahr-e-Hazaj

    Lecture 4 Bahr-e-Hazaj

  • Bahr-e-Rajaz

    Lecture 5 Bahr-e-Rajaz

  • Bahr-e-Ramal

    Lecture 6 Bahr-e-Ramal

  • Bahr-e-Kamil

    Lecture 7 Bahr-e-Kamil

  • Bahr-e-Wafir

    Lecture 8 Bahr-e-Wafir

  • Bahr-e-Mutaqarib

    Lecture 9 Bahr-e-Mutaqarib