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इब्न ख़ल्दून का परिचय
पहचान: इतिहासकार, समाजशास्त्र के संस्थापक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री और "मुकद्दिमा इब्न ख़ल्दून" के लेखक।
अबू ज़ैद वली अल-दीन अब्द अल-रहमान इब्न मुहम्मद इब्न ख़ल्दून अल-हदरामी, जिन्हें इब्न ख़ल्दून के नाम से जाना जाता है, 732 हिजरी / 1332 ईस्वी में ट्यूनिस के एक प्रतिष्ठित अंडलुसी अरबी परिवार में पैदा हुए थे। उनका परिवार मूल रूप से अंडलूसिया (स्पेन) का निवासी था, जो बाद में उत्तरी अफ्रीका स्थानांतरित हो गया था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता और उस युग के प्रमुख विद्वानों से प्राप्त की, जहाँ उन्होंने कुरान, हदीस, न्यायशास्त्र (फ़िक़्ह), अरबी भाषा, साहित्य, तर्कशास्त्र और दर्शन की शिक्षा पाई।
इब्न ख़ल्दून मुस्लिम दुनिया के महान दार्शनिक और आधुनिक "समाजशास्त्र" (Sociology) के वास्तविक संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने इतिहास को केवल लोककथाओं और कहानियों के बजाय तर्क की कसौटी पर परखा और सामाजिक घटनाओं के अध्ययन में पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Method) को अपनाया।
इब्न ख़ल्दून का व्यावहारिक जीवन राजनीतिक उतार-चढ़ाव, दरबारी साजिशों और निरंतर यात्राओं से भरा रहा। वे ट्यूनिस, मोरक्को (फ़ेस) और स्पेन (ग्रेनाडा) के राजदरबारों में लेखक, मंत्री और राजदूत के रूप में सेवाएँ देते रहे, और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी। राजनीति की कड़वाहट से थककर उन्होंने 'किला सलामा' (अल्जीरिया) में चार साल का वैज्ञानिक एकांतवास लिया, जहाँ उन्होंने अपना ऐतिहासिक ग्रंथ लिखा। बाद में वे मिस्र चले गए, जहाँ वे मुख्य न्यायाधीश (मालिकी काज़ी) बने और दमिश्क के घेराव के दौरान विश्व विजेता तैमूर लंग से मुलाकात कर सफल मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
इब्न ख़ल्दून की कृतियों का वैश्विक बौद्धिक इतिहास पर गहरा प्रभाव पड़ा। उनका सबसे बड़ा साहित्यिक कार्य उनका विश्व इतिहास ग्रंथ "किताब अल-इबार" (तारीख-ए-इब्न ख़ल्दून) है, जिसका प्रस्तावना भाग "मुकद्दिमा इब्न ख़ल्दून" (The Muqaddimah) के नाम से आधुनिक सामाजिक विज्ञान की बुनियादी दस्तावेज़ माना जाता है। इसमें उन्होंने साम्राज्यों के उदय-पतन और 'असबिया' (सामाजिक एकजुटता) का सिद्धांत प्रस्तुत किया। वे अपनी विस्तृत आत्मकथा लिखने वाले इतिहास के पहले लेखक भी हैं। उनके इन क्रांतिकारी विचारों को सदियों बाद यूरोपीय विचारकों ने भी स्वीकार किया और 1636 में जैकब जूलियस की पुस्तक "रिहलात इब्न ख़ल्दून" के बाद इसका लैटिन, फ्रांसीसी और ग्रीक भाषाओं में अनुवाद किया गया, जिससे वे वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हुए।
निधन: इब्न ख़ल्दून का निधन 808 हिजरी / 1406 ईस्वी में काहिरा, मिस्र में हुआ।
सहायक लिंक : | https://en.wikipedia.org/wiki/Ibn_Khaldun
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