संपूर्ण
परिचय
ग़ज़ल58
नज़्म24
शेर31
ई-पुस्तक43
चित्र शायरी 4
उद्धरण1
ऑडियो 25
वीडियो30
बच्चों की कहानी6
ब्लॉग1
दोहा7
किश्वर नाहीद
ग़ज़ल 58
नज़्म 24
अशआर 31
कुछ दिन तो मलाल उस का हक़ था
बिछड़ा तो ख़याल उस का हक़ था
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
हमें देखो हमारे पास बैठो हम से कुछ सीखो
हमीं ने प्यार माँगा था हमीं ने दाग़ पाए हैं
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
दिल को भी ग़म का सलीक़ा न था पहले पहले
उस को भी भूलना अच्छा लगा पहले पहले
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
दिल में है मुलाक़ात की ख़्वाहिश की दबी आग
मेहंदी लगे हाथों को छुपा कर कहाँ रक्खूँ
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए