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महेनद्र नाथ के उद्धरण
तवाइफ़ीयत का मस'अला तवाइफ़ों को गाली देने से हल ना होगा बल्कि औरतों को त'अ्लीम देने से, औरतों की भूक मिटाने से, औरतों पर दुनिया के दरवाज़े खोलने से हल होगा। जब तक ये काम हुकूमत नहीं करेगी तवाइफ़ें क़ायम रहेंगी।
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मुंबई में मुझे तीन चीज़ें पसंद आई हैं, समुंद्र, नारीयल के दरख़्त और बंबई की ऐक्ट्रस। अस्ल में इन तीन चीज़ों से बंबई ज़िंदा है, अगर इन तीन चीज़ों को बंबई से निकाल दिया जाये तो बंबई, बंबई ना रहे, शायद दिल्ली बन जाये या लाहौर।
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