- पुस्तक सूची 180887
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ90
बाल-साहित्य1997
नाटक / ड्रामा924 एजुकेशन / शिक्षण347 लेख एवं परिचय1377 कि़स्सा / दास्तान1665 स्वास्थ्य108 इतिहास3355हास्य-व्यंग604 पत्रकारिता202 भाषा एवं साहित्य1143
पत्र725 जीवन शैली30 औषधि980 आंदोलन270 नॉवेल / उपन्यास4284 राजनीतिक349 धर्म-शास्त्र4794 शोध एवं समीक्षा6720अफ़साना2673 स्केच / ख़ाका237 सामाजिक मुद्दे111 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2019पाठ्य पुस्तक442 अनुवाद4200-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर70
- दीवान1254
- दोहा50
- महा-काव्य99
- व्याख्या186
- गीत63
- ग़ज़ल1272
- हाइकु11
- हम्द61
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1584
- कह-मुकरनी6
- कुल्लियात574
- माहिया20
- काव्य संग्रह4897
- मर्सिया387
- मसनवी736
- मुसद्दस44
- नात592
- नज़्म1216
- अन्य84
- पहेली14
- क़सीदा179
- क़व्वाली16
- क़ित'अ68
- रुबाई264
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं16
- सलाम35
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई26
- अनुवाद75
- वासोख़्त24
रशीद अख़्तर नदवी का परिचय
पहचान: लोकप्रिय उपन्यासकार, इतिहासकार, पत्रकार और अनुवादक
रशीद अख्तर नदवी का जन्म 13 जनवरी 1918 को दिल्ली में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा यहीं प्राप्त की, फिर दारुल उलूम नदवतुल उलेमा का रुख किया और वहाँ से फ़ज़ीलत की डिग्री हासिल की। इसके बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दाखिला लिया और बी.ए. की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को अपना क्षेत्र बनाया और दिल्ली, लाहौर तथा पेशावर के कई दैनिक अख़बारों में न्यूज़ एडिटर और चीफ़ एडिटर के रूप में कार्य किया। 1973 में उन्हें इदारा मआरिफ़-ए-मिल्ली (इस्लामाबाद) का सचिव नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने शैक्षिक और शोध गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
रशीद अख्तर नदवी एक बहुआयामी साहित्यिक व्यक्तित्व थे। वे एक साथ इतिहासकार, पत्रकार, अनुवादक और उपन्यासकार थे। अनुवाद के क्षेत्र में उनका बड़ा योगदान तुज़ुक-ए-बाबरी और हुमायूँनामा का फ़ारसी से उर्दू में अनुवाद है। इतिहास लेखन में उन्हें जीवनीपरक इतिहास से विशेष लगाव था, जिसकी झलक उनकी कृतियों मुहम्मद रसूल अल्लाह (बाद में संशोधित रूप में मुहम्मद सरवर-ए-दो आलम), ख़िलाफ़त-ए-राशिदा, उमर बिन अब्दुल अज़ीज़, सलाहुद्दीन अय्यूबी और औरंगज़ेब आदि में मिलती है।
साहित्य के क्षेत्र में उन्होंने उर्दू उपन्यास को नई दिशा दी। उन्होंने लगभग दो दर्जन ऐतिहासिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और रोमांटिक उपन्यास लिखे, जिनमें साज़-ए-शिकस्ता, सोज़-ए-दरूँ, सौदाई, नसरीन और तश्नगी विशेष रूप से लोकप्रिय हुए। उनके उपन्यासों की प्रमुख विशेषताएँ सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा, जीवंत चरित्र-चित्रण, प्रभावी संवाद और मानवीय मनोविज्ञान की गहरी समझ हैं। उनके यहाँ दुख, सामाजिक अंतर्विरोध और मानवीय संघर्ष अत्यंत तीव्रता के साथ उभरते हैं।
निधन: 21 जुलाई 1992 को मरी (पाकिस्तान) में उनका निधन हुआ और इस्लामाबाद के केंद्रीय कब्रिस्तान में दफ़नाए गए।
संबंधित टैग
प्राधिकरण नियंत्रण :लाइब्रेरी ऑफ कॉंग्रेस नियंत्रण संख्या : n88245818
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ90
बाल-साहित्य1997
-
