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सय्यद शुजा अहमद क़ायद का परिचय
जन्म : 21 Jun 1919 | बिलग्राम, उत्तर प्रदेश
पहचान:सय्यद शुजा अहमद क़ायद उर्दू प्रसारण, नाटक और साहित्य जगत की एक प्रतिष्ठित और बहुआयामी हस्ती थे। उनका जन्म 21 जून 1919 को बिलग्राम के एक ज़मींदार परिवार में हुआ। बचपन में ही पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी माता के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियाँ संभालीं।
उन्होंने फ़ारसी में मुनशी फ़ाज़िल, उर्दू में अदीब फ़ाज़िल और अरबी में मौलवी फ़ाज़िल की उपाधियाँ प्राप्त कीं तथा लाहौर से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके साथ ही उन्हें हिंदी और संस्कृत पर भी अच्छी पकड़ थी। आजीविका की तलाश में उन्होंने प्रारंभ में समाचार पत्रों में अनुवादक और हास्य-स्तंभकार के रूप में कार्य किया।
1938 में उन्होंने रेडियो और प्रसारण की दुनिया में प्रवेश किया और यहीं से उनके रचनात्मक जीवन का नया दौर शुरू हुआ। वे एक सफल वक्ता, अभिनेता और संगीत-प्रेमी कलाकार थे। कविता से भी उनका गहरा लगाव था, हालांकि वे मुशायरों से प्रायः दूर रहते थे।
उन्होंने लगभग 1500 रेडियो फ़ीचर्स और नाटकों में अभिनय किया, 1000 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया तथा 500 से अधिक नाटक और रेखाचित्र लिखे। बच्चों के लिए किए गए उनके विशेष कार्यों के कारण उन्हें “क़ायद-ए-नस्ल-ए-नौ” (नई पीढ़ी के नेता) की उपाधि से याद किया जाता है।
मृत्यु: 4 मई 1968 को 49 वर्ष की आयु में हैदराबाद में हृदयाघात से उनका निधन हुआ। उर्दू प्रसारण और नाट्य साहित्य में उनका योगदान आज भी स्मरणीय और प्रेरणादायक
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