Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Zafar Iqbal's Photo'

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर

ज़फ़र इक़बाल

ग़ज़ल 246

अशआर 168

झूट बोला है तो क़ाएम भी रहो उस पर 'ज़फ़र'

आदमी को साहब-ए-किरदार होना चाहिए

तुझ को मेरी मुझे तेरी ख़बर जाएगी

ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी

  • शेयर कीजिए

यहाँ किसी को भी कुछ हस्ब-ए-आरज़ू मिला

किसी को हम मिले और हम को तू मिला

थकना भी लाज़मी था कुछ काम करते करते

कुछ और थक गया हूँ आराम करते करते

ख़ामुशी अच्छी नहीं इंकार होना चाहिए

ये तमाशा अब सर-ए-बाज़ार होना चाहिए

हास्य 4

 

सलाम 1

 

शायरी के अनुवाद 1

 

पुस्तकें 26

चित्र शायरी 33

वीडियो 29

This video is playing from YouTube

ऑडियो 15

अभी आँखें खुली हैं और क्या क्या देखने को

कब वो ज़ाहिर होगा और हैरान कर देगा मुझे

ख़ुशी मिली तो ये आलम था बद-हवासी का

Recitation

संबंधित ब्लॉग

 

संबंधित लेखक

अन्य शायरों को पढ़िए

 

Recitation

बोलिए