लेखकों की सूची

सैंकड़ों शायरों का चुनिंदा कलाम

उर्दू के सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल। शायरी में चुस्ती , शोख़ी और मुहावरों के इस्तेमाल के लिए प्रसिद्ध

1831 -1905 दिल्ली

गुलबर्गा के अहम शायरों में शामिल, उर्दू की तरक्क़ी के लिए कोशिश करते रहे

तमिलनाडु के अहम शायर, अपने क़तात के लिए जानेजाते हैं

पाकिस्तान के नामचीन नौजवान शायर, कम उम्र में एक जानलेवा बीमारी से देहांत हुआ

समकालीन कहानीकारों में शामिल

तसव्वुफ़ और धार्मिक सहिष्णुता की भावना से समर्पित शायरी के लिए जाने जाते हैं. महत्वपूर्ण मज़हबी और रूहानी व्यक्तियों पर नज़्में लिखीं

1921 -1989

अरबी, फ़ारसी और संस्कृत के प्रमुख स्कालर

1866 -1955 दिल्ली

प्रगतिवादी विचारधारा से प्रभावित शायर, कम उम्री में आत्महत्या की

रूमानी शायरों में शामिल, ‘रुमानियात’ के नाम से उर्दू की रूमानी शायरी का एक चयन भी प्रकाशित.

मशहूर अफ़्सानानिगार, समकालीन समस्याओं और मानव मनोविज्ञान पर आधारित कहानी लेखन के लिए जाने जाते हैं. उर्दू फ़िक्शन की दशा पर आलोचनात्मक लेख भी लिखे.

चर्चित शायर, ग़ज़लों के साथ अपने माहियों और गीतों के लिए भी पहचाने जाते हैं. ‘अज शिकारे में’ नाम से कश्मीर का छंदोबद इतिहास भी लिखा

उर्दू के पहले उपन्यासकार के रूप में विख्यात

1836 -1910 दिल्ली

प्रसिद्ध कहानीकार,आलोचक और बुद्धिजीवी. आधुनिक युग में साहित्य की समस्या, सम्भावनाएँ और उनके प्रभाव पर विचारोत्तेजक लेखन के लिए जाने जाते हैं.

1928 -2012 दिल्ली

मंटो के समकालिक कहानीकारों में शामिल, सन्यासी का रूप धार कर पुरे देश के प्रचलित लोकगीतों को संकलित करने के लिए प्रसिद्ध।

1908 -2003 दिल्ली

लोकप्रिय शाइर, गीतकार, फ़िल्म पिंजर के गीत 'चरखा चलाती माँ' के लिए मशहूर।

टोंक के प्रसिद्ध शायर, अपने नातिया कलाम के लिए भी पहचाने जाते हैं

प्रसिद्ध शायर, अमीर मीनाई के शागिर्द. ‘दर्द-ए-दिल’ नामक उपन्यास भी लिखा

नौजवान पाकिस्तानी शायरों में अहम

प्रख्यात और लोकप्रिय हास्य-व्यंग शायर

1929 -1998 कराची

भोपाल के शायर. ‘गुमनाम गोशे’ और ‘भोपाल में ग़ज़ल’ नाम से दो काव्य संचयन भी सम्पादित किये

प्रसिद्ध शायर, लोकप्रिय शे’र ‘अब तो इतनीभी मयस्सर नहीं मयखाने में - जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में’ के रचयिता