Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

लेखक : फ़साहत लखनवी

संस्करण संख्या : 001

प्रकाशक : मुंशी नवल किशोर, लखनऊ

मूल : लखनऊ, भारत

प्रकाशन वर्ष : 1925

भाषा : उर्दू

श्रेणियाँ : शाइरी, मुंशी नवल किशोर के प्रकाशन

उप श्रेणियां : दीवान

पृष्ठ : 528

सहयोगी : राजा महमूदाबाद लाइब्रेरी, महमूदाबाद

Deewan-e-Be-Misal
For any query/comment related to this ebook, please contact us at haidar.ali@rekhta.org

लेखक: परिचय

फ़साहत लखनवी उर्दू भाषा के एक विशिष्ट और उच्च कोटि के शैलीकार शायर थे, जिन्हें लखनऊ की शास्त्रीय काव्य परंपरा का प्रतिनिधि माना जाता है। उनका जन्म 12 शाबान 1273 हिजरी को हुआ और वो बचपन में ही अपने पिता, प्रसिद्ध साहित्यकार अमानत लखनवी (कृति इंदर सभा के लेखक), के साए से वंचित हो गए। उनकी परवरिश और शिक्षा-दीक्षा उनके बड़े भाई सैयद हसन लताफ़त की निगरानी में हुई, जिनकी साहित्यिक संगति ने उनके स्वाभाविक काव्य-रुचि को निखारा।

फ़साहत लखनवी ने कम समय में ही अपनी काव्य-प्रतिभा का लोहा मनवा लिया। उनकी शायरी में मौलिकता, परिष्कृत और सजीव भाषा तथा अभिव्यक्ति की दृढ़ता स्पष्ट दिखाई देती है। उनकी रचनाओं में लखनऊ की विशेष नज़ाकत, रंगीनियत और नफ़ासत पूरी चमक के साथ झलकती है। उनका नाम अपने समय के महत्वपूर्ण शायरों में लिया जाता है, और उनके शिष्यों का दायरा भी काफ़ी व्यापक था।

उनकी रचनाएँ प्रारंभ में अलग-अलग नामों से प्रकाशित हुईं, जिसके कारण आम पाठकों में उनकी पहचान सीमित रही। बाद में इन्हें नए सिरे से संकलित कर दीवान-ए-फ़साहत के नाम से प्रस्तुत किया गया। इस दीवान की प्रस्तावना प्रसिद्ध लेखक मौलाना अब्दुल हलीम शरर ने लिखी, और इसमें उनके समकालीनों तथा शिष्यों द्वारा रचित श्रद्धांजलि स्वरूप कलाम भी शामिल हैं, जो फ़साहत लखनवी की साहित्यिक महानता का स्पष्ट प्रमाण हैं।

.....और पढ़िए
For any query/comment related to this ebook, please contact us at haidar.ali@rekhta.org

लेखक की अन्य पुस्तकें

लेखक की अन्य पुस्तकें यहाँ पढ़ें।

पूरा देखिए

लोकप्रिय और ट्रेंडिंग

सबसे लोकप्रिय और ट्रेंडिंग उर्दू पुस्तकों का पता लगाएँ।

पूरा देखिए
बोलिए