ग़ज़लें

शायर और शोधकर्ता, ग़ालिब के दीवान और उनके पत्रों के हवाले से कई शोधपूर्ण कार्य किये

उर्दू में हास्य-व्यंग के सबसे बड़े शायर , इलाहाबाद में सेशन जज थे।

1846 -1921

समकालीन शायरों में शामिल

परम्परा और अधुनिक काव्य विचारधारा के सामंजस्य का शायर, संजीदा अदबी महफ़िलों में लोकप्रिय

नौजवान शायर और मंच से जुड़े कलाकार

समकालीन शायर, मुशायरों में लोकप्रिय

1958

पूर्वाधुनिक शायर, नज़्म और ग़ज़ल दोनों विधाओं में शायरी की; बच्चों के लिए भी बेहतरीन नज़्में लिखीं

1925

हैदराबाद के प्रसिद्ध शायर,जोश के समकालीन, दोनों के मध्य समकालिक नोक झोंक भी रही. अपनी लम्बी नज़्म ‘कौल फैसल’ के लिए प्रसिद्ध

1894 -1950

व्यंग युक्त भावनात्मक तीक्ष्णता के लिए प्रख्यात

1909 -1988

शायर और साहित्यिक पत्रकार, ‘नशेमन’, ‘मशरिक़’ और ‘नई क़द्रें’ जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं का सम्पादन किया. पद्य गद्य में कई कई किताबें प्रकाशित हुईं

1920 -1958

लोकप्रिय पाकिस्तानी शायरों में शामिल. अपारंपरिक विषयों की नज़्मों के लिए जाने जाते हैं

1969

प्रसिद्ध आलोचक, शोधकर्ता, कथाकार और शायर,अपनी रोमांटिक नज़्मों के लिए भी जाने गए।

1911 -1977

शायर और गद्यकार, अपने क़तआत और लम्बी नज़्मों के लिए विख्यात

परम्परा की गहरी चेतना के साथ शायरी करने के लिए प्रसिद्ध

1928 -1989

शायर और पत्रकार, लम्बे समय तक रेडियो पाकिस्तान से सम्बद्ध रहे, फ़िल्मों के लिए गीत और संवाद भी लिखे

1934 -1995

सबसे लोकप्रिय उर्दू शायरों में से एक। गहरी रूमानी शायरी के लिए प्रसिद्ध

1905 -1948

प्रगतिवादी विचारधारा के शायर, प्रगतिशील लेखक संघ के सचिव भी रहे

1923 -2006

बिस्मिल सईदी के परिवार के शायर और पत्रकार, दैनिक ‘जिसारत’ और ‘जंग’ से सम्बद्ध रहे

1958