इस की क़ुदरत की दीद करता हूँ

शैख़  ज़हूरूद्दीन हातिम

इस की क़ुदरत की दीद करता हूँ

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

MORE BYशैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

    इस की क़ुदरत की दीद करता हूँ

    रोज़ नौ-रोज़ ईद करता हूँ

    मेरा अहवाल-ए-फ़क़्र मत पूछो

    ज़ोहद मिस्ल-ए-फ़रीद करता हूँ

    रोज़ बाज़ार-ए-मुल्क-ए-हस्ती में

    जिंस-ए-इस्याँ ख़रीद करता हूँ

    फ़त्ह करने को क़ल्ब-ए-दिल का हिसार

    तेग़-ए-हिम्मत कलीद करता हूँ

    बस-कि मैं तिश्ना-ए-शहादत हूँ

    दिल को हर-दम शहीद करता हूँ

    मैं सुन्नी शीआ ने काफ़िर

    सूफ़ी हूँ सब का वीद करता हूँ

    शैख़ तू गो कि पीर-ज़ादा है

    रह तुझे मैं मुरीद करता हूँ

    अपने एहसान-ए-ख़ल्क़ से 'हातिम'

    आदमी को अबीद करता हूँ

    स्रोत :
    • पुस्तक : Diwan Zadah (पृष्ठ 242)

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