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रद करें डाउनलोड शेर

रामपुर के शायर और अदीब

कुल: 72

प्रसिद्ध क्लासिकी शायर जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया

प्रसिद्ध इतिहासकार, छंदशास्त्र और भाषा-विज्ञान के विशेषज्ञ, अपनी किताब “बहर-उल-फ़साहत” के लिए मशहूर

रामपूर स्कूल के प्रमुख शायर/ महशर इनायती के शागिर्द

दाग़ देहलवी के शागिर्द। कम उम्र में देहांत हुआ

रामपूर स्कूल के रंग मे शायरी करने वाले प्रतिष्ठित शायर

नई विचार-दिशा देने वाले शायरों में विख्यात।

प्रसिद्ध शास्त्रीय कवि और मुसहफ़ी के भतीजे।

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर,क्लासिकी रंग की शायरी के लिए प्रसिद्ध

इस्लामी चिन्तन के प्रभाव में शायरी करनेवाले प्रसिद्ध शायर

प्रसिद्ध शायर, लोकप्रिय शे’र ‘अब तो इतनीभी मयस्सर नहीं मयखाने में - जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में’ के रचयिता

प्रख्यात इस्लामी विद्वान, लेखक

रामपुर के दबिस्तान के प्रतिनिधि और विशिष्ट अंदाज़ के शायर।

मुशायरों के मक़बूल शायर

प्रसिद्ध उर्दू शायर हैं जिनकी ग़ज़लें सरलता और भावनाओं की सुन्दर अभिव्यक्ति हैं

शायर और शोधकर्ता, ग़ालिब के दीवान और उनके पत्रों के हवाले से कई शोधपूर्ण कार्य किये

रूमानी शायरों में शामिल, ‘रुमानियात’ के नाम से उर्दू की रूमानी शायरी का एक चयन भी प्रकाशित.

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