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फ़ोबिया

हमज़ा-ज़े

फ़ोबिया

हमज़ा-ज़े

MORE BYहमज़ा-ज़े

    तुम्हें मेरे पास इतनी देर ख़ामोश बैठना चाहिए था

    कि मेरी नज़्में बोलने लग जातीं

    और तुम्हारे बा'द

    मैं अपनी दबी हुई आवाज़ों को सुन सकता

    जो चुप रह कर मुझे अन्दर से नोच रही हैं

    मुकम्मल नींद लेने से

    दिमाग़ ख़ुद को खाना शुरू' कर देता है

    शायद मैं अपनी ख़ामोशी कभी बयान कर सकूँ

    साइकोलॉजिस्ट हमें ज़िंदा रखने की कितनी कोशिश कर सकते हैं

    अगली बार जब तुम मुझे मिलोगी

    मेरे एहसासात निगल लिए गए होंगे

    और एक ख़ोल बाक़ी रह जाएगा

    मैं फ़ोबिया का शिकार हो चुका हूँ

    और ख़ून की बू महसूस करता हूँ

    जैसे आख़री हिचकी से पहले कोई मौत को महसूस कर ले

    और उस की आँखों में

    ज़िंदगी मोम की तरह पिघल रही हो

    उन आँखों में झाँक कर लोग रोने के सिवा कुछ नहीं कर सकते

    मैं अब कुछ नहीं कर सकता

    मौत एक भैंस की तरह

    हमें अपना चारा समझ कर चबा जाएगी

    और ख़ुद बिल-आख़िर ज़ब्ह कर दी जाएगी

    हम अपने डर का गला दबा कर उसे मार नहीं सकते

    हम अपने डर को गहरे पानी में धक्का नहीं दे सकते

    हम अपने डर का क़त्ल नहीं कर सकते

    मेरे हाथ काँपने लग जाते हैं

    जब मुझे ग़ुस्सा आए

    और जिस्म सनसना जाता है

    ज़िंदगी वहशत का रूप धारने में वक़्त नहीं लेती

    ज़िंदगी हमें अकेला पाने की ताक में है

    जबकि मैं मौत से खौफ़ज़दा नहीं

    तुम्हें मेरे साथ इतनी देर जागते रहना चाहिए था

    कि मैं अबदी नींद सो सकता

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