Aadil Raza Mansoori's Photo'

आदिल रज़ा मंसूरी

1978

प्रसिद्ध समकालीन शायर, साहित्यिक पत्रिका ‘इस्तिफ्सार’ के सम्पादक

प्रसिद्ध समकालीन शायर, साहित्यिक पत्रिका ‘इस्तिफ्सार’ के सम्पादक

सफ़र के ब'अद भी मुझ को सफ़र में रहना है

नज़र से गिरना भी गोया ख़बर में रहना है

मिरी ख़ामोशियों की झील में फिर

किसी आवाज़ का पत्थर गिरा है

वहाँ शायद कोई बैठा हुआ है

अभी खिड़की में इक जलता दिया है