Abdul Mannan Tarzi's Photo'

अब्दुल मन्नान तरज़ी

1940 | दरभंगा, भारत

बिहार की मशहूर साहित्यिक प्रतिभा, शायरी के साथ विभिन्न साहित्यिक विषयों पर अपनी पद्यात्मक रचनाओं के लिए जाने जाते हैं

बिहार की मशहूर साहित्यिक प्रतिभा, शायरी के साथ विभिन्न साहित्यिक विषयों पर अपनी पद्यात्मक रचनाओं के लिए जाने जाते हैं

अब्दुल मन्नान तरज़ी

ग़ज़ल 24

नज़्म 1

 

अशआर 8

क्या यहाँ देखिए क्या वहाँ देखिए

आप ही आप हैं अब जहाँ देखिए

ख़ून जब अश्क में ढलता है ग़ज़ल होती है

जब भी दिल रंग बदलता है ग़ज़ल होती है

इक क़यामत है आप का वा'दा

चलिए ये भी अज़ाब हो जाए

दर्द का सिलसिला है जहाँ तक

दिल की जागीर होगी वहाँ तक

तेरी यादों के लम्हे भी बेदर्द थे

तुझ को मुझ से चुराते रहे रात-भर

पुस्तकें 47

वीडियो 5

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
अपने हालात का असीर हूँ मैं

अब्दुल मन्नान तरज़ी

ऐ वतन ऐ वतन

ऐ वतन ऐ वतन ऐ हमारे वतन अब्दुल मन्नान तरज़ी

मुद्दआ'-ओ-आरज़ू शौक़-ए-तमन्ना आप हैं

अब्दुल मन्नान तरज़ी

मर जाएँगे पिंदार का सौदा न करेंगे

अब्दुल मन्नान तरज़ी

मरहला शौक़ का है लफ़्ज़-ओ-बयाँ से आगे

अब्दुल मन्नान तरज़ी

"दरभंगा" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

बोलिए