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अल्लामा इक़बाल

1877 - 1938 | लाहौर, पाकिस्तान

महान उर्दू शायर एवं पाकिस्तान के राष्ट्र-क़वि जिन्होंने 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा ' के अतिरिक्त 'लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी' जैसे गीत की रचना की

महान उर्दू शायर एवं पाकिस्तान के राष्ट्र-क़वि जिन्होंने 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा ' के अतिरिक्त 'लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी' जैसे गीत की रचना की

ग़ज़ल

अगर कज-रौ हैं अंजुम आसमाँ तेरा है या मेरा

नोमान शौक़

अपनी जौलाँ-गाह ज़ेर-ए-आसमाँ समझा था मैं

नोमान शौक़

कभी ऐ हक़ीक़त-ए-मुंतज़र नज़र आ लिबास-ए-मजाज़ में

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

ख़ुदी की शोख़ी ओ तुंदी में किब्र-ओ-नाज़ नहीं

नोमान शौक़

ख़िरद के पास ख़बर के सिवा कुछ और नहीं

नोमान शौक़

ख़िर्द-मंदों से क्या पूछूँ कि मेरी इब्तिदा क्या है

नोमान शौक़

गेसू-ए-ताबदार को और भी ताबदार कर

नोमान शौक़

ज़मिस्तानी हवा में गरचे थी शमशीर की तेज़ी

नोमान शौक़

तू अभी रहगुज़र में है क़ैद-ए-मक़ाम से गुज़र

नोमान शौक़

तू ऐ असीर-ए-मकाँ ला-मकाँ से दूर नहीं

नोमान शौक़

दिल सोज़ से ख़ाली है निगह पाक नहीं है

नोमान शौक़

न तू ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए

नोमान शौक़

न तू ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए

नोमान शौक़

न तख़्त-ओ-ताज में ने लश्कर-ओ-सिपाह में है

नोमान शौक़

परेशाँ हो के मेरी ख़ाक आख़िर दिल न बन जाए

नोमान शौक़

फ़ितरत को ख़िरद के रू-ब-रू कर

नोमान शौक़

मकतबों में कहीं रानाई-ए-अफ़कार भी है

नोमान शौक़

मुझे आह-ओ-फ़ुग़ान-ए-नीम-शब का फिर पयाम आया

नोमान शौक़

मेरी नवा-ए-शौक़ से शोर हरीम-ए-ज़ात में

नोमान शौक़

वही मेरी कम-नसीबी वही तेरी बे-नियाज़ी

नोमान शौक़

वो हर्फ़-ए-राज़ कि मुझ को सिखा गया है जुनूँ

नोमान शौक़

सितारों से आगे जहाँ और भी हैं

नोमान शौक़

हादसा वो जो अभी पर्दा-ए-अफ़्लाक में है

नोमान शौक़

ला फिर इक बार वही बादा ओ जाम ऐ साक़ी

ज़िया मोहीउद्दीन

करेंगे अहल-ए-नज़र ताज़ा बस्तियाँ आबाद

ख़ालिद मुबश्शिर

ख़ुदी हो इल्म से मोहकम तो ग़ैरत-ए-जिब्रील

ख़ालिद मुबश्शिर

गर्म-ए-फ़ुग़ाँ है जरस उठ कि गया क़ाफ़िला

ख़ालिद मुबश्शिर

ढूँड रहा है फ़रंग ऐश-ए-जहाँ का दवाम

ख़ालिद मुबश्शिर

ताज़ा फिर दानिश-ए-हाज़िर ने किया सेहर-ए-क़दीम

ख़ालिद मुबश्शिर

फिर चराग़-ए-लाला से रौशन हुए कोह ओ दमन

ख़ालिद मुबश्शिर

ये कौन ग़ज़ल-ख़्वाँ है पुर-सोज़ ओ नशात-अंगेज़

ख़ालिद मुबश्शिर

हज़ार ख़ौफ़ हो लेकिन ज़बाँ हो दिल की रफ़ीक़

ख़ालिद मुबश्शिर

नज़्म

अबुल-अला-म'अर्री

नोमान शौक़

इबलीस की मजलिस-ए-शूरा

अल्लामा इक़बाल

तराना-ए-हिन्दी

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

मिर्ज़ा 'ग़ालिब'

नोमान शौक़

हिन्दुस्तानी बच्चों का क़ौमी गीत

नोमान शौक़

इल्तिजा-ए-मुसाफ़िर

नोमान शौक़

एक आरज़ू

नोमान शौक़

एक नौ-जवान के नाम

नोमान शौक़

गोरिस्तान-ए-शाही

नोमान शौक़

जिब्रईल ओ इबलीस

नोमान शौक़

ज़ोहद और रिंदी

नोमान शौक़

तुलू-ए-इस्लाम

नोमान शौक़

तस्वीर-ए-दर्द

नोमान शौक़

तारिक़ की दुआ

नोमान शौक़

फ़रमान-ए-ख़ुदा

नोमान शौक़

मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा

नोमान शौक़

ला-इलाहा-इल्लल्लाह

नोमान शौक़

वालिदा मरहूमा की याद में

नोमान शौक़

सर-गुज़िश्त-ए-आदम

नोमान शौक़

साक़ी-नामा

नोमान शौक़

हज़रात-ए-इंसाँ

नोमान शौक़

हिमाला

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI