Arsh Siddiqui's Photo'

अर्श सिद्दीक़ी

1927 - 1997 | मुल्तान, पाकिस्तान

अर्श सिद्दीक़ी

ग़ज़ल 45

शेर 11

हाँ समुंदर में उतर लेकिन उभरने की भी सोच

डूबने से पहले गहराई का अंदाज़ा लगा

इक तेरी बे-रुख़ी से ज़माना ख़फ़ा हुआ

संग-दिल तुझे भी ख़बर है कि क्या हुआ

  • शेयर कीजिए

हम कि मायूस नहीं हैं उन्हें पा ही लेंगे

लोग कहते हैं कि ढूँडे से ख़ुदा मिलता है

वो अयादत को तो आया था मगर जाते हुए

अपनी तस्वीरें भी कमरे से उठा कर ले गया

देख रह जाए तू ख़्वाहिश के गुम्बद में असीर

घर बनाता है तो सब से पहले दरवाज़ा लगा

"मुल्तान" के और शायर

  • ग़ुलाम हुसैन साजिद ग़ुलाम हुसैन साजिद
  • शाैकत वास्ती शाैकत वास्ती
  • क़मर रज़ा शहज़ाद क़मर रज़ा शहज़ाद
  • मोहसिन नक़वी मोहसिन नक़वी
  • असलम अंसारी असलम अंसारी
  • ज़ियाउल मुस्तफ़ा तुर्क ज़ियाउल मुस्तफ़ा तुर्क
  • हिना अंबरीन हिना अंबरीन
  • आबिद मलिक आबिद मलिक
  • रम्ज़ी असीम रम्ज़ी असीम
  • अरशद अब्बास ज़की अरशद अब्बास ज़की