Arsh Siddiqui's Photo'

अर्श सिद्दीक़ी

1927 - 1997 | मुल्तान, पाकिस्तान

ग़ज़ल 45

नज़्म 7

शेर 11

हाँ समुंदर में उतर लेकिन उभरने की भी सोच

डूबने से पहले गहराई का अंदाज़ा लगा

इक तेरी बे-रुख़ी से ज़माना ख़फ़ा हुआ

संग-दिल तुझे भी ख़बर है कि क्या हुआ

  • शेयर कीजिए

हम कि मायूस नहीं हैं उन्हें पा ही लेंगे

लोग कहते हैं कि ढूँडे से ख़ुदा मिलता है

"मुल्तान" के और शायर

  • असलम अंसारी असलम अंसारी
  • ग़ुलाम हुसैन साजिद ग़ुलाम हुसैन साजिद
  • क़मर रज़ा शहज़ाद क़मर रज़ा शहज़ाद
  • अतहर नासिक अतहर नासिक
  • आनिस मुईन आनिस मुईन
  • रम्ज़ी असीम रम्ज़ी असीम
  • शाैकत वास्ती शाैकत वास्ती
  • मोहसिन नक़वी मोहसिन नक़वी
  • आबिद मलिक आबिद मलिक
  • अहमद रिज़वान अहमद रिज़वान