noImage

अज़हर लखनवी

1925 | लंदन, यूनाइटेड किंगडम

ग़ज़ल 3

 

शेर 2

ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जाएगा

वक़्त के साथ ज़माना भी बदल जाएगा

एक मंज़िल है मगर राह कई हैं 'अज़हर'

सोचना ये है कि जाओगे किधर से पहले

 

ई-पुस्तक 3

 

"लंदन" के और शायर

  • शबाना यूसुफ़ शबाना यूसुफ़
  • यावर अब्बास यावर अब्बास
  • परवीन मिर्ज़ा परवीन मिर्ज़ा
  • सय्यद जमील मदनी सय्यद जमील मदनी
  • शाहीन सिद्दीक़ी शाहीन सिद्दीक़ी
  • सय्यद अहसन जावेद सय्यद अहसन जावेद
  • जौहर ज़ाहिरी जौहर ज़ाहिरी
  • आबिद नामी आबिद नामी
  • हबीब हैदराबादी हबीब हैदराबादी
  • मुनीर अहमद देहलवी मुनीर अहमद देहलवी