क़ब्रों में नहीं हम को किताबों में उतारो

हम लोग मोहब्बत की कहानी में मरें हैं

बहती हुई आँखों की रवानी में मरे हैं

कुछ ख़्वाब मिरे ऐन-जवानी में मरे हैं