Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Khalid Irfan's Photo'

न्युयॉर्क, अमेरिका में रहने वाले हास्य-व्यंग के अग्रणी पाकिस्तानी शायर।

न्युयॉर्क, अमेरिका में रहने वाले हास्य-व्यंग के अग्रणी पाकिस्तानी शायर।

खालिद इरफ़ान के शेर

320
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

भूक तख़्लीक़ का टैलेंट बढ़ा देती है

पेट ख़ाली हो तो हम शेर नया कहते हैं

हों पैसे तो इस्तक़बालियों से कुछ नहीं होगा

किसी शायर को ख़ाली तालियों से कुछ नहीं होगा

मैं ने बस इतना ही लिखा आई-लौ-यू और फिर

उस ने आगे कर दिया था गाल इंटरनेट पर

कैसा अजीब आया है इस साल का बजट

मुर्ग़ी का जो बजट है वही दाल का बजट

गर्मी जो आई घर का हवा-दान खुल गया

साहिल पे जब गया तो हर इंसान खुल गया

जो तुम परफ़्यूम में डुबकी लगा कर रोज़ आती हो

फ़ज़ा तुम से मोअत्तर है हवा में कुछ नहीं रक्खा

अब घर के दरीचे में आएगी हवा कैसे

आगे भी प्लाज़ा है पीछे भी प्लाज़ा है

जो लुग़त को तोड़-मरोड़ दे जो ग़ज़ल को नस्र से जोड़ दे

मैं वो बद-मज़ाक़-ए-सुख़न नहीं वो जदीदिया कोई और है

दो चार दिन से मेरी समाअत ब्लाक थी

तुम ने ग़ज़ल पढ़ी तो मिरा कान खुल गया

टीवी का ये मज़ाक़ अदीबों के साथ है

शाएर से दुगना रख दिया क़व्वाल का बजट

बिकती है अब किताब भी कैसेट के रेट पे

कैसे बनेगा 'ग़ालिब' 'इक़बाल' का बजट

बिछड़े थे जब ये लोग महीना था जून का

सोहनी बना रही थी महींवाल का बजट

Recitation

Jashn-e-Rekhta | 8-9-10 December 2023 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate - New Delhi

GET YOUR PASS
बोलिए