Khumar Barabankavi's Photo'

ख़ुमार बाराबंकवी

1919 - 1999 | बाराबंकी, भारत

लोकप्रिय शायर, फिल्मी गीत भी लिखे।

लोकप्रिय शायर, फिल्मी गीत भी लिखे।

अब इन हुदूद में लाया है इंतिज़ार मुझे

झुँझलाए हैं लजाए हैं फिर मुस्कुराए हैं

मोहब्बत को समझना है तो नासेह ख़ुद मोहब्बत कर

सहरा को बहुत नाज़ है वीरानी पे अपनी

ये वफ़ा की सख़्त राहें ये तुम्हारे पाँव नाज़ुक

कहीं शेर ओ नग़्मा बन के कहीं आँसुओं में ढल के