Moid Rashidi's Photo'

मुईद रशीदी

1988 | अलीगढ़, भारत

नई नस्ल के प्रमुख नवोदित शायर/साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित

नई नस्ल के प्रमुख नवोदित शायर/साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित

ग़ज़ल 15

शेर 14

अक़्ल नहीं आएँगे बातों में तिरी हम

नादान थे नादान हैं नादान रहेंगे

ये हिजरतों के तमाशे, ये क़र्ज़ रिश्तों के

मैं ख़ुद को जोड़ते रहने में टूट जाता हूँ

वो चाहते हैं कि हर बात मान ली जाए

और एक मैं हूँ कि हर बात काट देता हूँ

ई-पुस्तक 4

Momin Khan Momin : Hayat Aur Mataliati Tarjeehat

 

 

Tahreer

 

2016

तख़्लीक़, तख़ईल और इस्तिआरा

 

2011

वहशत: हयात और फ़न

 

2010

 

वीडियो 11

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Aanokhon mein shab utar gai, Khwaabon ka silsila raha

मुईद रशीदी

Dekhle meri jaan kitna hai

मुईद रशीदी

Dil ye kehta hai ke haar kar dekhen

मुईद रशीदी

Ek hungama shab o roz bapa rehta hai

मुईद रशीदी

Faseel e shehar se kyun sab ke sab nikal aaye

मुईद रशीदी

Ishq mein lazzat e aazar nikal aati hai

मुईद रशीदी

Khala me dekhta rehta hai Kya pukarta hai

मुईद रशीदी

Main ek nadi hoon meri zaat ek samundar hai

मुईद रशीदी

Ye mojaza hai ki main raat kaat deta hoon

मुईद रशीदी

मुईद रशीदी

Moid Rashidi (from Delhi) is a Poet, critic and recipient of Sahitya Akademy Yuva Puruskar. Poet, critic and recipient of Sahitya Akademy Yuva Puruskar, Moid is well-regarded for his literary criticism in Urdu world. मुईद रशीदी

दरून-ए-ज़ात हुजूम-ए-अज़ाब ठहरा है

मुईद रशीदी

ऑडियो 3

दरून-ए-ज़ात हुजूम-ए-अज़ाब ठहरा है

आज कुछ सूरत-ए-अफ़्लाक जुदा लगती है

मैं कोई दश्त मैं दीवार नहीं कर सकता

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

 

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