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मुज़फ़्फ़र रज़्मी

1936 - 2012 | मुजफ्फरनगर, भारत

अपने शेर 'ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने' के लिए विख्यात।

अपने शेर 'ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने' के लिए विख्यात।

मुज़फ़्फ़र रज़्मी का परिचय

उपनाम : 'रज़्मी'

मूल नाम : मुज़फ़्फ़र रज़्मी कैरानवी

जन्म :मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

संबंधी : मुशीर झंझान्वी (गुरु)

ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने

लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने सज़ा पाई

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aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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