पाशा रहमान

ग़ज़ल 16

नज़्म 4

 

अशआर 1

वो एक शख़्स जो महफ़िल में बोलता था बहुत

सुना है अहल-ए-नज़र से वो खोखला था बहुत

 

हास्य 5

 

पुस्तकें 3

 

"ढाका" के और शायर

 

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

बोलिए