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रंगीन सआदत यार ख़ाँ

1756 - 1835 | लखनऊ, भारत

उर्दू शायरी की विधा ' रेख़्ती ' के लिए प्रसिद्ध जिसमें शायर औरतों की भाषा में बोलता है

उर्दू शायरी की विधा ' रेख़्ती ' के लिए प्रसिद्ध जिसमें शायर औरतों की भाषा में बोलता है

रंगीन सआदत यार ख़ाँ के ई-पुस्तक

रंगीन सआदत यार ख़ाँ की पुस्तकें

7

Deewan-e-Rangeen, Insha

Insha-o-Rangeen Ka Begamaati Kalam

1924

इजाद-ए-रंगीन

1852

Intikhab-e-Rekhti

1983

Majalis-e-Rangeen

1990

Majalis-e-Rangeen

1929

Musaddas-e-Rangeen

1952

Rekhti

Urdu Ke Rekhti Go Shora Ka Kalam

2006