Shahryar's Photo'

शहरयार

1936 - 2012 | अलीगढ़, भारत

अग्रणी आधुनिक उर्दू शायरों में शामिल। फ़िल्म गीतकार , ' फ़िल्म उमराव जान ' , के गीतों के लिए प्रसिद्ध। भारतीय ज्ञान पीठ एवार्ड से सम्मानित

अग्रणी आधुनिक उर्दू शायरों में शामिल। फ़िल्म गीतकार , ' फ़िल्म उमराव जान ' , के गीतों के लिए प्रसिद्ध। भारतीय ज्ञान पीठ एवार्ड से सम्मानित

ग़ज़ल

ऐसे हिज्र के मौसम कब कब आते हैं

जगजीत सिंह

दिल में रखता है न पलकों पे बिठाता है मुझे

फ़हद हुसैन

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

नोमान शौक़

आँधी की ज़द में शम-ए-तमन्ना जलाई जाए

नोमान शौक़

किस किस तरह से मुझ को न रुस्वा किया गया

नोमान शौक़

किस फ़िक्र किस ख़याल में खोया हुआ सा है

नोमान शौक़

खुले जो आँख कभी दीदनी ये मंज़र हैं

नोमान शौक़

जब भी मिलती है मुझे अजनबी लगती क्यूँ है

नोमान शौक़

ज़मीं से ता-ब-फ़लक धुँद की ख़ुदाई है

नोमान शौक़

जुस्तुजू जिस की थी उस को तो न पाया हम ने

नोमान शौक़

तिलिस्म ख़त्म चलो आह-ए-बे-असर का हुआ

नोमान शौक़

दयार-ए-दिल न रहा बज़्म-ए-दोस्ताँ न रही

नोमान शौक़

दिल परेशाँ हो मगर आँख में हैरानी न हो

नोमान शौक़

नशात-ए-ग़म भी मिला रंज-ए-शाद-मानी भी

नोमान शौक़

पहले नहाई ओस में फिर आँसुओं में रात

नोमान शौक़

बुनियाद-ए-जहाँ में कजी क्यूँ है

नोमान शौक़

मिशअल-ए-दर्द फिर एक बार जला ली जाए

नोमान शौक़

ये क्या जगह है दोस्तो ये कौन सा दयार है

नोमान शौक़

सभी को ग़म है समुंदर के ख़ुश्क होने का

नोमान शौक़

सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है

नोमान शौक़

हुजूम-ए-दर्द मिला ज़िंदगी अज़ाब हुई

नोमान शौक़

हज़ार बार मिटी और पाएमाल हुई है

नोमान शौक़

नज़्म

ख़्वाब का दर बंद है

नोमान शौक़

चुपके से इधर आ जाओ

नोमान शौक़

तन्हाई

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI