Shahryar's Photo'

शहरयार

1936 - 2012 | अलीगढ़, भारत

अग्रणी आधुनिक उर्दू शायरों में शामिल। फ़िल्म गीतकार , ' फ़िल्म उमराव जान ' , के गीतों के लिए प्रसिद्ध। भारतीय ज्ञान पीठ एवार्ड से सम्मानित

अग्रणी आधुनिक उर्दू शायरों में शामिल। फ़िल्म गीतकार , ' फ़िल्म उमराव जान ' , के गीतों के लिए प्रसिद्ध। भारतीय ज्ञान पीठ एवार्ड से सम्मानित

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Shahryar reading his poetry

शहरयार

ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है

शहरयार

वीडियो का सेक्शन
शायरी वीडियो
Interview with Shahryar

शहरयार

Urdu Adab Ke Legends on DD Urdu

अज्ञात

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
Sooraj ka safar khatam hua raat na

Sooraj ka safar khatam hua raat na भारती विश्वनाथन

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो हरिहरण

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें सिम्राट छाबरा

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें तलअत अज़ीज़

सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है

सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है सुरेश वाडेकर

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

  • Shahryar reading his poetry

    Shahryar reading his poetry शहरयार

  • ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है

    ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है शहरयार

शायरी वीडियो

  • Interview with Shahryar

    Interview with Shahryar शहरयार

  • Urdu Adab Ke Legends on DD Urdu

    Urdu Adab Ke Legends on DD Urdu अज्ञात

अन्य वीडियो

  • Sooraj ka safar khatam hua raat na

    Sooraj ka safar khatam hua raat na भारती विश्वनाथन

  • अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

    अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो हरिहरण

  • ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

    ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें सिम्राट छाबरा

  • ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

    ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें तलअत अज़ीज़

  • सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है

    सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है सुरेश वाडेकर