Yusuf Taqi's Photo'

यूसुफ़ तक़ी

1943 | कोलकाता, भारत

शोधकर्ता, आलोचक, शायर, पूर्व अध्यक्ष उर्दू विभाग कलकत्ता युनिवर्सिटी

शोधकर्ता, आलोचक, शायर, पूर्व अध्यक्ष उर्दू विभाग कलकत्ता युनिवर्सिटी

ग़ज़ल 15

नज़्म 6

शेर 6

पड़ोसी तू बता हम को तो कुछ होश नहीं

था हमारा भी कोई घर तिरे घर से पहले

  • शेयर कीजिए

आओ पुरानी याद के शो'लों में ताप लें

कितने हैं हाथ सर्द मुलाक़ात की तरह

  • शेयर कीजिए

देखा तो ज़िंदगी में बहुत कामयाब थे

सोचा तो जीत आई नज़र मात की तरह

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 4

ग़ज़लियात-ए-तपिश

 

2013

ख़ुशक टेहनी ज़र्द पत्ते

 

2003

Kulliyat-e-Badr

Badruz Zaman Badr kalkattavi

2012

मसनवी जहाँ शाह-ओ-जहाँ बानो

 

1998

 

चित्र शायरी 1

हाल कुछ अब के जुदा है तिरे दीवानों का शहर में ढेर न लग जाए गरेबानों का ये मिरा ज़ब्त है या तेरी अदा की तहज़ीब रंग आँखों में झलकता नहीं अरमानों का मय-कदे के यही आदाब हैं रिंदो सुन लो ग़म नहीं करते हैं टूटे हुए पैमानों का साँस लेने को कोई और ठिकाना ढूँडो शहर जंगल सा हुआ जाता है इंसानों का अब हक़ीक़त की तहों तक कोई कैसे पहोंचे एक तूफ़ान बपा है यहाँ अफ़्सानों का

 

"कोलकाता" के और शायर

  • एज़ाज़ अफ़ज़ल एज़ाज़ अफ़ज़ल
  • हुरमतुल इकराम हुरमतुल इकराम
  • फ़राग़ रोहवी फ़राग़ रोहवी
  • आरज़ू सहारनपुरी आरज़ू सहारनपुरी
  • अमीर रज़ा मज़हरी अमीर रज़ा मज़हरी
  • जाफ़र साहनी जाफ़र साहनी
  • जुर्म मुहम्मदाबादी जुर्म मुहम्मदाबादी
  • रोहित सोनी ताबिश रोहित सोनी ताबिश
  • इब्राहीम होश इब्राहीम होश
  • मुर्ली धर शर्मा तालिब मुर्ली धर शर्मा तालिब