आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",qQL"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",qql"
क़ितआ
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
महफ़िल में शोर-ए-क़ुलक़ुल-ए-मीना-ए-मुल हुआ
ला साक़िया प्याला कि तौबा का क़ुल हुआ
शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ",qql"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
dil
दिलدِل
सीने के अंदर कुछ बाएँ ओर, उलटे पान से मिलते हुए आकार का एक अंग जिसकी गति पर ख़ून की गर्दिश निर्भर करती है, ये निर्मित है मांस, स्नायुओं और तंतुओं और एक सख़्त झिल्ली से और स्रोत है हरारत-ए-ग़रीज़ी और रूह-ए-हैवानी का, उसी की गति के बंद होने से मृत्यु घटित हो जाती है
dil kaa
दिल काدِل کا
پسندیدہ ؛ مرضی کے مطابق
अन्य परिणाम ",qql"
ग़ज़ल
न गुल से काम है हम को न कुछ गुलज़ार से मतलब
ब-जाँ रखते हैं इक हमदम बदल इक यार से मतलब
मरदान सफ़ी
ग़ज़ल
बाग़ में जब कि वो दिल ख़ूँ-कुन-ए-हर-गुल पहुँचे
बिलबिलाती हुई गुलज़ार में बुलबुल पहुँचे
अब्दुल रहमान एहसान देहलवी
ग़ज़ल
कब तलक पीवेगा तू तर-दामनों से मिल के मुल
एक दम ऐ ग़ुंचा-लब हम से कभी तो खिल के खुल












