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हास्य
''बुग़'' का जनाब-ए-सद्र ने मिस्रा जो इक दिया
भौं-भौं की गटकरी पे सभों ने उठा लिया
फ़ुर्क़त काकोरवी
नज़्म
शिकवा
मुज़्तरिब-बाग़ के हर ग़ुंचे में है बू-ए-नियाज़
तू ज़रा छेड़ तो दे तिश्ना-ए-मिज़राब है साज़
अल्लामा इक़बाल
शेर
पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है
जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है
मीर तक़ी मीर
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
क्यूँ हिरासाँ है सहिल-ए-फ़रस-ए-आदा से
नूर-ए-हक़ बुझ न सकेगा नफ़स-ए-आदा से
अल्लामा इक़बाल
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शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
baag
बागباگ
वह तस्मा जिसका एक सिरा घोड़े या ख़च्चर के मुख में और दूसरा सवार के हाथ में रहता है, रास, इनान, कविका, लगाम
bug
bugbug
(अलिफ़) नियम बर्दार हश्रों की कई इक़साम में से कोई जिन के गोल चपटे जिस्म और मुँह ख़ून चूसने के लिए बने होते हैं; खटमल, पुसू (ब) अमरीका: कोई छोटा हशरा या कीड़ा, पतंगा।
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ग़ज़ल
मुज़्तर ख़ैराबादी
ग़ज़ल
पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है
जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है
मीर तक़ी मीर
शेर
दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
बज़्म-ए-ख़याल में तिरे हुस्न की शम्अ जल गई
दर्द का चाँद बुझ गया हिज्र की रात ढल गई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
ख़िज़्र-सुल्ताँ को रखे ख़ालिक़-ए-अकबर सरसब्ज़
शाह के बाग़ में ये ताज़ा निहाल अच्छा है













