आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khulaa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "khulaa"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "khulaa"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "khulaa"
ग़ज़ल
शाद अज़ीमाबादी
ग़ज़ल
अब जा के कुछ खुला हुनर-ए-नाख़ुन-ए-जुनूँ
ज़ख़्म-ए-जिगर हुए लब-ओ-रुख़्सार की तरह
मजरूह सुल्तानपुरी
शेर
जब तुम से मोहब्बत की हम ने तब जा के कहीं ये राज़ खुला
मरने का सलीक़ा आते ही जीने का शुऊर आ जाता है
साहिर लुधियानवी
ग़ज़ल
मुझे आप क्यूँ न समझ सके ये ख़ुद अपने दिल ही से पूछिए
मिरी दास्तान-ए-हयात का तो वरक़ वरक़ है खुला हुआ




