आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "maddaah"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "maddaah"
ग़ज़ल
सर-ए-तस्लीम है ख़म इज़्न-ए-उक़ूबत के बग़ैर
हम तो सरकार के मद्दाह हैं ख़िलअत के बग़ैर
इरफ़ान सिद्दीक़ी
ग़ज़ल
मद्दाह-ए-ख़ाल-ए-रू-ए-बुताँ हूँ मुझे ख़ुदा
बख़्शे तो क्या अजब कि वो नुक्ता-नवाज़ है
शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
ग़ज़ल
जो मद्दाह-ए-नबी पर ता'ना-ज़न मुम्ताज़ होते हैं
दिखाएँ शे'र अपने और मिरे अशआ'र आ देखें
अब्दुल हलीम शरर
अन्य परिणाम "maddaah"
ग़ज़ल
आशिक़ हुए तो इश्क़ में होश्यार क्यूँ न थे
हम इन के मदह-ख़्वाँ सर-ए-बाज़ार क्यूँ न थे








