आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mane"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "mane"
ग़ज़ल
मरने वालो आओ अब गर्दन कटाओ शौक़ से
ये ग़नीमत वक़्त है ख़ंजर कफ़-ए-क़ातिल में है
बिस्मिल अज़ीमाबादी
नज़्म
पास रहो
और बच्चों के बिलकने की तरह क़ुलक़ुल-ए-मय
बहर-ए-ना-सूदगी मचले तो मनाए न मने
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "mane"
समस्त











