आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "parad"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "parad"
ग़ज़ल
शौक़ तिरा है मौजज़न ज़ौक़ तिरा बहाना-जू
खोल न दें भरम कहीं परद ज्ञान राज़ का
वहशत रज़ा अली कलकत्वी
नज़्म
ख़ूब-सूरत मोड़
तुम्हें भी कोई उलझन रोकती है पेश-क़दमी से
मुझे भी लोग कहते हैं कि ये जल्वे पराए हैं
साहिर लुधियानवी
ग़ज़ल
शकील बदायूनी
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "parad"
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
रदीफ़ ओ क़ाफ़िया क्या हैं शिकस्त-ए-ना-रवा क्या है
शिकस्त-ए-नारवा ने मुझ को पारा पारा कर डाला
जौन एलिया
नज़्म
कोई ये कैसे बताए
इक ज़रा हाथ बढ़ा दें तो पकड़ लें दामन
उन के सीने में समा जाए हमारी धड़कन
कैफ़ी आज़मी
नज़्म
परछाइयाँ
मुझे यक़ीं है कि हम अब कभी न बिछड़ेंगे
तुम्हें गुमान कि हम मिल के भी पराए हैं









