आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "patjha.d"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "patjha.d"
ग़ज़ल
अगर सच इतना ज़ालिम है तो हम से झूट ही बोलो
हमें आता है पतझड़ के दिनों गुल-बार हो जाना
अदा जाफ़री
ग़ज़ल
किसी ने देखे हैं पतझड़ में फूल खिलते हुए
दिल अपनी ख़ुश-नज़री में दिवाना हो गया है
इरफ़ान सिद्दीक़ी
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "patjha.d"
ग़ज़ल
जाने मैं कौन से पतझड़ में हुआ था बर्बाद
गिरते पत्तों की इक आवाज़ है हर जा मुझ में
मुसव्विर सब्ज़वारी
ग़ज़ल
अपने अंदर ज़र्द पत्तों की तरह बिखरूँ गी में
मेरे अंदर से मुझे पतझड़ उड़ा ले जाएगा







