आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "satvat"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "satvat"
नज़्म
ताज-महल
सब्त जिस राह में हों सतवत-ए-शाही के निशाँ
उस पे उल्फ़त भरी रूहों का सफ़र क्या मअ'नी
साहिर लुधियानवी
नज़्म
मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा
आनी-ओ-फ़ानी तमाम मोजज़ा-हा-ए-हुनर
कार-ए-जहाँ बे-सबात कार-ए-जहाँ बे-सबात
अल्लामा इक़बाल
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "satvat"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "satvat"
नज़्म
मेरे भी हैं कुछ ख़्वाब
इस ख़ाक की सतवत की मनाज़िल के नए ख़्वाब
या सीना-ए-गीती में नए दिल के नए ख़्वाब
नून मीम राशिद
ग़ज़ल
न आई सतवत-ए-क़ातिल भी माने मेरे नालों को
लिया दाँतों में जो तिनका हुआ रेशा नियस्ताँ का
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
बुनियाद कुछ तो हो
मरने चले तो सतवत-ए-क़ातिल का ख़ौफ़ क्या
इतना तो हो कि बाँधने पाए न दस्त ओ पा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
ऐ दिल-ए-बेताब ठहर
अपने मय-ख़ानों को मय-ख़ाना तो बन लेने दो
जल्द ये सतवत-ए-अस्बाब भी उठ जाएगी
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
कार्ल मार्क्स
काटती है सेहर-ए-सुल्तानी को जब मूसा की ज़र्ब
सतवत-ए-फ़िरऔन हो जाती है अज़ ख़ुद ग़र्क़-ए-आब
वामिक़ जौनपुरी
नज़्म
बस-स्टेंड पर
हमारी ही तरह जो पाएमाल-ए-सतवत-ए-मीरी-ए-ओ-ए-शाही में
लिखोखा आबदीदा पा-पियादा दिल-ज़दा वामाँदा राही हैं













