आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "vafaa.e.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "vafaa.e.n"
नज़्म
परछाइयाँ
जीने को जिए जाते हैं मगर साँसों में चिताएँ जलती हैं
ख़ामोश वफ़ाएँ जलती हैं
साहिर लुधियानवी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "vafaa.e.n"
अन्य परिणाम "vafaa.e.n"
ग़ज़ल
उस की यादें उस की बातें उस की वफ़ाएँ उस का प्यार
किस को ख़बर थी जीना मुश्किल एक इक पल हो जाएगा
ताहिर फ़राज़
ग़ज़ल
फ़ितरत-ए-हुस्न में अगर अहलियत-ए-वफ़ा नहीं
मुझ को ख़ुदा से है गिला आप से कुछ गिला नहीं
राजेन्द्र बहादुर माैज
नज़्म
औरत
भड़कते सीनों में बस रही हैं क़रार बन कर तिरी अदाएँ
तरसती रूहों को जाम-ए-इशरत पिला रही हैं तिरी वफ़ाएँ
मजीद अमजद
ग़ज़ल
जफ़ाएँ दूर तक जाती हैं कम आबाद शहरों में
वफ़ाएँ दूर तक जाती हैं कम आबाद शहरों में
मुनीर नियाज़ी
ग़ज़ल
आश्ना हो कर तग़ाफ़ुल आश्ना क्यूँ हो गए
बा-वफ़ा थे तुम तो आख़िर बेवफ़ा क्यूँ हो गए
अख़्तर शीरानी
नज़्म
दर्द-ए-मुश्तरक
ये मोहब्बत ये वफ़ाएँ ये मुरव्वत ये ख़ुलूस
इन को सरमाए ने बे-कार बना रक्खा है
क़तील शिफ़ाई
नज़्म
एक ज़ाती नज़्म
मोहब्बत उस की ख़ातिर है वफ़ाएँ उस की ख़ातिर हैं
कि मेरी इब्तिदाएँ, इंतिहाएँ उस की ख़ातिर हैं










