आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "decline"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "decline"
ग़ज़ल
ख़ुद हुस्न-ओ-शबाब उन का क्या कम है रक़ीब अपना
जब देखिए अब वो हैं आईना है शाना है
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
सबा अकबराबादी
ग़ज़ल
क़यामत देखने के शौक़ में हम मर मिटे तुम पर
क़यामत करने वालो अब क़यामत क्यूँ नहीं करते
फ़रहत एहसास
ग़ज़ल
फ़ना निज़ामी कानपुरी
ग़ज़ल
तू अगर नज़र मिलाए, मिरा दम निकल ही जाए
तुझे देखने की हिम्मत कभी थी न है न होगी