आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "pukhta"
नज़्म के संबंधित परिणाम "pukhta"
नज़्म
इस में क्या शक है कि मोहकम है ये इबलीसी निज़ाम
पुख़्ता-तर इस से हुए ख़ू-ए-ग़ुलामी में अवाम
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
पुख़्ता-तर है गर्दिश-ए-पैहम से जाम-ए-ज़िंदगी
है यही ऐ बे-ख़बर राज़-ए-दवाम-ए-ज़िंदगी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
डाकुओं के दौर में परहेज़-गारी जुर्म है
जब हुकूमत ख़ाम हो तो पुख़्ता-कारी जुर्म है
जोश मलीहाबादी
नज़्म
और पुख़्ता हुई जन्नत की बशारत 'ख़ुर्शीद'
जिस तरह मिट्टी में मिट्टी को मिलाया गया है
खुर्शीद अकबर
नज़्म
यक़ीन-ए-ख़ुफ़्ता गुमान-ए-पुख़्ता के पानियों पर
जहाँ पे अव्वल मोहब्बतों के कँवल खिले थे
सईद अहमद
नज़्म
ज़ेहन-ए-ना-पुख़्ता की रूठी हुई तक़दीर है तू
दर्द का साज़ है और सोज़ की तासीर है तू
बिसमिल आज़मी
नज़्म
वही पुराने सवाल उस के
ज़मीं अगर ख़ाम है तो उस पर हमारे पुख़्ता मकान क्यूँ हैं?